बजट 2019: पीयूष गोयल द्वारा विज़न-2030 पेश, जानिए पूरा विवरण

कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया. इस बजट में जहां 5 लाख रुपये तक टैक्स में छूट दी गई वहीँ गरीब किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये सहायता राशि भी दिए जाने की घोषणा की गई. रक्षा बजट पहली बार तीन लाख करोड़ रुपये का किया गया जबकि हादसे की स्थिति में EPFO बीमा 6 लाख रुपये का किये जाने की घोषणाएं की गईं.

वित्त मंत्री द्वारा की गई विभिन्न घोषणाओं के बीच वित्त मंत्री द्वारा पेश किये गये विज़न 2030 पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है. विज़न-2030 के तहत वित्त मंत्री ने 10 आयामों के तहत विकास कार्यों और जनहित में उठाये जाने वाले कदमों को चिन्हित किया.

‘विज़न-2030’ के 10 आयाम

1.    ईज़ ऑफ़ लिविंग (Ease of Living): वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाईअड्डे और अंतर्देशीय जलमार्ग सहित सभी क्षेत्रों में अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना “ईज़ ऑफ़ लिविंग” (जीवन जीने में आसानी) प्रदान करने वाला पहला आयाम है. देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जायेगा ताकि लोगों का जीवनयापन आसान हो सके.

2.    डिजिटल इंडिया (Digital India): कार्यकारी वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि भारत डिजिटल क्रांति की दौर से गुजर रहा है. इस पहल के तहत अगले पांच सालों में एक लाख डिजिटल गांव बनाये जाने का प्रस्ताव रखा गया है तथा यह भी बताया गया कि पिछले पांच सालों में मोबाइल डेटा का उपयोग 50% बढ़ा है.

3.    क्लीन एंड ग्रीन इंडिया (Clean and Green India): पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारत को स्वच्छ और हरित बनाया जायेगा जिसके अंतर्गत देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाया जायेगा. अक्षय उर्जा को देश में उर्जा का मुख्य स्रोत बनाया जायेगा. आयात पर निर्भरता को कम किया जायेगा तथा देश की उर्जा आवश्यकताओं को भी पूरा किया जायेगा.

4.    ग्रामीण औद्योगीकरण (Rural Industrialisation): पीयूष गोयल द्वारा पेश किये गये विज़न 2030 में चौथे स्थान पर ग्रामीण औद्योगीकरण को रखा गया है. इसके तहत ‘मेक इन इंडिया’ योजना से सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्टार्टअप तथा ग्रामीण पृष्ठभूमि में स्थापित औद्योगिक इकाईयों की मॉडर्न टेक्नोलॉजी से सहायता की जाएगी.

5.    स्वच्छ नदियां (Clean Rivers): अंतरिम बजट पेश करते हुए पीयूष गोयल ने विज़न  2030 के पांचवें आयाम के तहत स्वच्छ नदियों की बात भी कही. कार्यकारी वित्त मंत्री के अनुसार वर्ष 2030 तक स्वच्छ नदियों के साथ-साथ सभी को सुरक्षित पेयजल, माइक्रो सिंचाई तकनीक द्वारा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराना तथा गंगा को स्वच्छ बनाना इस पहल में शामिल होंगे.

 


6.    समुद्र एवं तटीय क्षेत्र (Oceans and Coastlines) : विज़न 2030 के छठे आयाम के तहत कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत के तटीय क्षेत्रों और समुद्री क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा. भारत को सभी ओर से विकास की दिशा देने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम होगा.

7.    अंतरिक्ष क्षेत्र (Space Sector): पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में विभिन्न कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. इसी दिशा में आगे कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2022 तक मानवयान को अंतरिक्ष में भेजने और गगनयान को सफलतापूर्वक लॉन्च किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा.

8.    खाद्य गुणवत्ता एवं उत्पादकता (Food quality and productivity improvement) : कार्यकारी वित्त मंत्री के अनुसार विज़न इंडिया 2030 को हासिल करने के लिए देश में मौजूद खाद्य उत्पाद और कृषि उत्पाद की गुणवत्ता को निखारना आवश्यक है. इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कदम उठाये जायेंगे तथा आर्गेनिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन को बढ़ावा दिय जायेगा.

9.   स्वस्थ भारत (Healthy India):  विज़न 2030 के नौंवें बिंदु के तहत स्वस्थ भारत को बताया गया. पीयूष गोयल ने आयुष्मान योजना तथा जन आरोग्य योजना के लाभ भी गिनाये. वित्त मंत्री ने अनुसार वर्ष 2030 तक संकट मुक्त और सभी के लिए व्यापक कल्याणकारी नीतियों की सुगम उपलब्धता मुहैया कराई जाएगी.

10.   मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस (Minimum Government, Maximum Governance): वित्त मंत्री का कहना है कि वे अपनी सरकार के मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के वादे पर कायम हैं तथा देश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी नीतियों का लाभ पहुंचाने के लिए इसे आवश्यक समझते हैं.

अंतरिम बजट क्या होता है?

•    अंतरिम बजट चुनावी वर्ष में एक प्रकार की आर्थिक व्यवस्था है जिसके तहत सरकार बनने तक सरकारी खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता पूरी की जाती है.

•    नई सरकार बनाने के लिए जो समय होता है, उस अवधि के लिए अंतरिम बजट संसद में पेश किया जाता है.

•    इस बजट में कोई भी ऐसा फैसला नहीं किया जाता है जिसमें ऐसे नीतिगत फैसले हों जिसके लिए संसद की मंजूरी लेनी पड़े या फिर कानून में संशोधन की जरूरत हो.

 

बजट 2019: प्रमुख घोषणाएं, टैक्स छूट की सीमा 5 लाख रुपये तक

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