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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता ही सेवा अभियान आरंभ किया

स्वच्छ भारत मिशन के तहत 15 सितंबर 2018 को देश में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान का आरंभ हुआ. 15 सितंबर से आरंभ होकर गांधी जयंती तक चलने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना स्थित सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज की जन्मस्थली एवं तख्त श्री हरिमंदिर पटना साहिब में भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित कर रहे हैं.

इस अभियान के तहत ही प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संदेश दिया और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश के अलग-अलग 18 स्थानों पर विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से संवाद किया.

 

प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो संवाद

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले देश के पूर्वी इलाके असम के डिब्रूगढ के स्‍वच्‍छताग्रहियों से संवाद स्‍थापित किया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने पश्चिमी छोर पर गुजरात में संवाद किया. इसके बाद सदी के महानायक अमिताभ बच्‍चन ने अपना संदेश दिया, फिर प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा से उनका संवाद हुआ. प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में सभी से ‘स्वच्छता ही सेवा’ आंदोलन का हिस्सा बनने और 'स्वच्छ भारत' बनाने के प्रयासों को मजबूत करने का आग्रह किया.


अभियान का उद्देश्य

‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का उद्देश्य स्वच्छता से जुड़े कार्यों में ज्यादा से ज्यादा जन सहभागिता सुनिश्चित करना है. यह अभियान 2 अक्टूबर, 2018 को स्वच्छ भारत मिशन की चौथी वर्षगांठ से ठीक पहले आयोजित किया जा रहा है. यह महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़े समारोहों के शुभारंभ को भी दर्शाता है. स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य 2 अक्तूबर, 2019 तक स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करना है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस लक्ष्य के कारण शौचालयों के निर्माण में बढ़ोतरी हुई है और इसका उपयोग करने वालों की संख्या भी बढ़ी है.


स्वच्छ भारत मिशन के तहत अन्य पहलें

•    अंतर-मंत्रिस्तरीय परियोजनाओं में स्वच्छता पखवाड़ा, नमामि गंगे, स्वच्छता कार्य योजना, स्वच्छ-स्वस्थ-सर्वत्र अभियान, स्कूल स्वच्छता अभियान, आंगनवाड़ी स्वच्छता अभियान, रेलवे स्वच्छता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.

•    अंतर-क्षेत्रीय सहयोग में स्वच्छ विख्यात स्थान, उद्योग जगत की भागीदारी, परस्पर धर्म सहयोग, मीडिया अनुबंध और संसद अनुबंध जैसे कार्य शामिल हैं.

•    76 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में  स्वच्छता कार्य योजना को विकसित किया गया है.

•    इंटरनेट आधारित पोर्टल बनाए गए हैं ताकि प्रगति की निगरानी की जा सके और कार्यान्वयन स्थिति को रेखांकित किया जा सके.

 

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