कोविड 19 से लड़ने के लिए पार्ले-जी से अमर चित्रकथा तक, कई कंपनियों ने बढ़ाये मदद के हाथ

भारत की विभिन्न कंपनियां कोविड-19 के खिलाफ़ आगे आईं: भारत में कोरोना वायरस के मामले अब 1000 से अधिक हो चुके हैं और कोविड-19 के प्रति संघर्ष ने युद्ध का रूप ले लिया है. केंद्रीय और राज्य सरकारों ने अपनी सभी एजेंसियों के साथ 24x7 काम कर रही हैं ताकि 1.3 अरब भारतियों के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा की जा सके. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, यह ऐसा युद्ध नहीं है जिसे सरकार अकेले लड़ सके और जीत जाए, इस लड़ाई में देश के सभी नागरिकों को सकारात्मक और सक्रिय तौर पर हिस्सा लेना होगा. प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वाहन पर, भारत की कई कंपनियों और फर्मों ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ़ देश की लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया है.

आजकल जब चारों तरफ़ से हमें निराशा और मौत की खबरें सुनने को मिल रही हैं, तो चलिए आज हम चर्चा करते हैं कि कैसे भारत की विभिन्न कंपनियां कोविड-19 के खिलाफ़ देश की लड़ाई में अपना सकारात्मक योगदान देने के लिए आगे आ रही हैं. आइये इस आर्टिकल में आगे पढ़ें:

अमर चित्रकथा और टिंकल कॉमिक्स की निशुल्क सदस्यता

ऐसे समय में जब पूरे भारत में 14 अप्रैल तक 21 दिन के लॉक डाउन जारी है तो काफ़ी लोग यह महसूस करने लगे हैं कि आखिर कितना टीवी देखें? नेटफ्लिक्स और अमेज़न से भी लोगों को केवल कुछ दिनों तक ही शायद राहत मिले. लेकिन अगर आप पढ़ने का शौक रखते हैं और अपना सारा दिन टीवी के सामने बैठकर नहीं बिताना चाहते तो आपके लिए यह खुशखबरी है कि इस लॉकडाउन के दौरान अमर चित्रकथा और टिंकल कॉमिक्स लोगों को ‘अपने घर में ही रहने’ में सहायता देने के लिए अपने समस्त पुस्तक संग्रह के लिए एक महीने की निशुल्क सदस्यता देने की पेशकश कर रही हैं. आप इन पुस्तक संग्रहों में चाणक्य, अशोक, अकबर, जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहिब आंबेडकर से संबंधित पुस्तकें पढ़ सकते हैं. अगर आप बचपन में टिंकल कॉमिक्स पढ़ते थे और आप अपने पुराने दोस्तों सुप्पंडी, शिकारी शंबू और कालिया - दि क्रो से मिल सकते हैं.    

जरुरतमंदों के लिए 3 करोड़ पार्ले-जी बिस्कुट

‘भारत के राष्टीय बिस्कुट’ के नाम से लोकप्रिय पार्ले-जी अगले तीन सप्ताह तक जरुरतमंदों को कुल तीन करोड़ बिस्कुटों का निशुल्क वितरण करेगा. पार्ले-जी प्रत्येक सप्ताह 1 करोड़ बिस्कुटों का वितरण करेगा ताकि इस संकट की घड़ी में गरीब और जरुरतमंद लोगों को सही पोषण मिल सके. पार्ले-जी गरीब और जरुरतमंद लोगों के बीच अपने बिस्कुटों का यह वितरण सरकारी एजेंसियों के माध्यम से करेगा.  

मदर डेयरी कॉलोनियों में कियोस्क लगाएगी

इस लॉकडाउन में जब अधिकतर लोगों को दूध और अन्य डेरी उत्पादों के साथ ही अपनी रोज़ाना की जरूरत की चीज़ें खरीदने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, तो मदर डेयरी ने कोरोना वायरस के दौरान ‘सामाजिक दूरी’ का पालन करने के लिए नागरिकों के बीच उत्पन्न इस समस्या से निपटने के लिए अपने कई अतिरिक्त कियोस्क लगाये हैं. ये अतिरिक्त कियोस्क विभिन्न सोसाइटी परिसरों के भीतर लगाये गये हैं ताकि लोगों को दूध और डेरी प्रोडक्ट्स आसानी से मिल सकें.

गोवा ब्रेविंग कंपनी द्वारा हैंड सैनिटाइज़र्स

आजकल क्योंकि कोरोना वायरस से बचने के लिए दिन में कई बार हाथ धोना एक बहुत कारगर उपाय है और हमारे देश में भी लोगों को हैंड सैनिटाइज़र्स की बहुत जरुरत है. देश के बाज़ारों में हैंड सैनिटाइज़र्स की काफी कमी हो गई है. इस स्थिति से निपटने के लिए, गोवा की एक ब्रेविंग कंपनी अर्थात गोवा ब्रेविंग कंपनी ने राज्य में लोगों को हैंड सैनिटाइज़र्स की आपूर्ति करने के लिए इनका उत्पादन बढ़ा दिया है.

डियागो इंडिया बनायेगी एल्कोहल से हैंड सैनिटाइज़र्स  

एक और लिकर फर्म – डियागो इंडिया ने कोविड – 19 के संकट के दौरान देश में हैंड सैनिटाइज़र्स की कमी से निपटने के लिए 3 लाख लीटर हैंड सैनिटाइज़र्स का उत्पादन करने की घोषणा की है. फर्म ने कहा इसकी सभी 15 यूनिट्स में हैंड सैनिटाइज़र्स का उत्पादन किया जायेगा ताकि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से मुकाबला किया जा सके. इसके अलावा, कंपनी सैनिटाइज़र बनाने वाली कंपनियों को 5 लाख लीटर अतिरिक्त न्यूट्रल अल्कोहल भी प्रदान करेगी. इसी तरह, देश के स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं और लोगों के लिए यह कंपनी 1.5 लाख मास्क भी राज्य के पांच सार्वजनिक विभागों के माध्यम से उपलब्ध करवायेगी.

भारत का पहला कोविड-19 अस्पताल और आपातकालीन वाहनों के लिए निशुल्क ईंधन

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आरआईएल) ने भी देश को कोविड -19 महामारी से मुकाबला करने में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से कई घोषणायें की हैं. रिलायंस फाउंडेशन ने सबसे प्रमुख घोषणा की है जिसके मुताबिक यह देश में 100 बिस्तर का पहला कोविड -19 अस्पताल सेवन हिल्स, मुंबई में बीएमसी के सहयोग से शुरू करेगी. रिलायंस फाउंडेशन के अस्पताल ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री के राहत कोष में 5 करोड़ रुपये की राशि भी दी है. इसी तरह, विदेशी यात्रियों को क्वारंटाइन और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी पेशकश की है.

इस संकट की घड़ी में रिलायंस फाउंडेशन देश के कई शहरों में गरीब जरुरतमंदों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था भी कर रही है. इसके अलावा, रिलायंस पेट्रोलियम देश में सभी आपातकालीन वाहनों को  निशुल्क ईंधन उपलब्ध करवायेगी. लोगों को रोज़मर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध करवाने के लिए देश में सभी रिलायंस रिटेल स्टोर्स भी अब सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक खुले रहेंगे.     

सारांश

कोरोना वायरस महामारी एक ऐसा संकट है जिसका सामना विश्व के अधिकतर देश लंबे समय से कर रहे हैं. यह एक गंभीर संकट है जिसके दूरगामी प्रभाव हमारे जीवन जीने के तरीके पर पड़ेंगे. लेकिन ऐसी सकारात्मक पहलों की जानकारी और  प्रेरक कहानियां इन सभी घटनाओं और जानकारियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखने और समझने में मदद करेंगी. इससे हम जीवन की इस सच्चाई के बारे में भी अच्छी तरह समझ सकेंगे कि हमें ‘सबके प्रति सद्भावना’ और ‘सबसे सहभागी योगदान’ ही हमें इस जोखिम भरे समय से सकुशल निकलने में मदद करेंगे.

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