ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज द्वारा वर्ष 2016 का शब्द होगा– "Post-truth"

16 नवंबर 2016 को ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज ने वर्ष 2016 के लिए Post Truth (पोस्ट ट्रूथ) शब्द को चुना है. इस शब्द का चुनाव ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज द्वारा आयोजित अनुसंधान के बाद किया गया.

अनुसंधान से यह पता चला कि पोस्ट– ट्रूथ (Post Truth) शब्द के उपयोग में वर्ष 2015 में किए गए उपयोग की तुलना में करीब 2000 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

वर्ड ऑफ द ईयर ऑफ ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी एक अभिव्यक्ति या शब्द है जिसे बीते वर्ष में भाषा को प्रतिबिंबित करने के लिए चुना जाता है. ऑक्सफोर्ड किसी खास वर्ष में शब्द विशेष की योग्यताओं, लोकनीति, तन्मयता या भाव के लिहाज से उनकी समीक्षा और उन पर बहस करने के बाद चुनता है.

पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) शब्द के बारे में:

पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) (विशेषण): से संबद्ध करना या उन परिस्थितियों की ओर इशारा करना जिनमें वस्तुनिष्ठ तथ्य जनता की राय बनाने में कम प्रभावशाली होते हैं और भावनाओं एवं व्यक्तिगत विश्वास को अपील करते हैं.

यह 'पोस्ट ट्रुथ पॉलिटिक्स' वाक्यांश में विशेष संज्ञा के साथ भी जुडा होता है.

पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) शब्द एक दशक से भी ज्यादा समय से मौजूद है लेकिन इसका इस्तेमाल हाल में हुई कुछ घटनाओं में काफी किया गया है. ऐसी घटनाएं जिनमें पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) जैसे शब्दों का अधिक इस्तेमाल किया उनमें हैं–

क)    इसका सबसे अधिक बार इस्तेमाल जून 2016 में यूनाइटेड किंग्डम में हुए यूरोपीय यूनियन जनमत संग्रह के दौरान  हुआ.


ख)    संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी इसका इस्तेमाल देखा गया. जुलाई 2016 में जब डोनाल्ड ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नामांकन मिला तब भी इसके इस्तेमाल में बढ़ोतरी देखी गई.
ऑक्सफोर्ड डिक्शनरीज के अनुसार, पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) शब्द का सबसे पहली बार 1992 में राष्ट्रीय पत्रिका (Nation Magazine ) में इस्तेमाल किया गया था. इस निबंध को दिवंगत सर्बियाई– अमेरिकी नाटककार स्टीव सिंच (Steve Tesich) ने लिखा था. ईरान– कॉन्ट्रा घोटाले और फारस की खाड़ी युद्ध को दर्शाते हुए सिंच ने कहा था कि, 'हम, आजाद व्यक्ति के तौर पर, फबिना किसी प्रतिबंध के किसी फैसला करते हैं कि हम पोस्ट – ट्रुथ विश्व में जीना चाहते हैं.' सिंच के इस लेख से पहले पोस्ट – ट्रुथ (Post-truth) वाक्यांश के प्रयोग किए जाने का सबूत है लेकिन यह अपने पारदर्शी अर्थ ' सच जानने के बाद' से जाना जाता था न कि अपने नए निहितार्थ सत्य खुद ही अप्रासंगिक हो गया है.

वर्ड ऑफ द ईयर के लिए चुने गए शब्द:

वर्ड ऑफ द ईयर के लिए चुने गए कुछ शब्द वर्ष 2016 के हिस्सा रहे सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और तकनीकी रुझानों एवं घटनाओं को प्रतिबिंबित करते हैं. ये शब्द या तो 2016 में ही अस्तित्व में आए या फिर पुराने शब्द हैं. शब्द थे–

•    Adulting (noun): एक जिम्मेदार व्यस्क की तरह व्यवहार करना खासतौर पर लौकिक लेकिन आवश्यक कार्य को पूरा करने के लिए.

•    Alt-right (noun): चरम रुढ़िवादी या प्रतिक्रियावादी दृष्टिकोण से जुड़ा वैचारिक समूह। मुख्यधारा की राजनीति द्वारा इसे अस्वीकृत किया जा चुका है और ऑनलाइन मीडिया में इसका इस्तेमाल जानबूझ कर विवादास्पद सामग्री को प्रसारित करने के लिए किया जाता है.

•     Brexiteer (noun): एक ऐसा व्यक्ति जो यूरोपीय संघ से यूनाइटेड किंग्डम के बाहर होने का समर्थक है.

•    Chatbot (noun): एक कंप्यूटर प्रोग्राम जिसे मानव उपयोगकर्ताओं के साथ बातचीत खासकर इंटरनेट पर, करने के लिए डिजाइन किया गया था.

•    Coulrophobia (noun): गंवारों के प्रति अत्यधिक या तर्कहीन भय.

•    Glass cliff (noun): एक ऐसी स्थिति के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है जिसमें एक महिला या अल्पसंख्यक समूह का सदस्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व के स्थान पर पहुंचता है लेकिन उसके असफल होने का खतरा अधिक होता है. यह शब्द 2004 में मनोवैज्ञानिक माइकल रेयान और एलेक्स हसलम द्वारा बनाया गया था.

•    Hygge (noun): बातचीत और मस्ती भरे आराम की गुणवत्ता जो संतोष की भावना पैदा करता है ( दानिश संस्कृति की विशेषता को परिभाषित करता हुआ माना जाता है)

•    Latinx (noun): लातिन अमेरिकी मूल या वंश का व्यक्ति ( लिंग– निष्पक्ष या लातीनी या लातीना के लिए गैर– दोहरे विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है)

•    Woke (adjective): समाज में अन्याय खासकर नस्लवाद की चेतावनी.

 

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