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प्रधानमंत्री मोदी ने आशा और आंगनवाड़ी श्रमिकों के पारिश्रमिक में वृद्धि की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितम्बर 2018 को आशा और आंगनवाड़ी योजना से जुड़े लोगों को मिलने वाले पारिश्रमिक में वृद्धि की घोषणा की है. प्रधानमंत्री ने देश की आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया के जरिए सीधे संवाद किया.

आशा और आंगनवाड़ी श्रमिकों के यह बढ़ा हुआ पारिश्रमिक अगले माह यानी एक अक्टूबर से लागू हो जाएगा. केंद्र सरकार ने देशभर के आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में केंद्र के हिस्से में बढ़ोतरी कर दी है.

प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर दुगुना:

•   आशाकर्मियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर दुगुना किया जाएगा वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3000 रुपये से बढ़ा कर 4500 रुपये करने का फैसला किया गया है.

•   जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 2250 रुपए था, उन्हें अब 3500 रुपए मिलेगा. आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 1500 रुपए के स्थान पर 2250 रुपए मिलेंगे.

•   आशा कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मुफ्त दी जाएंगी. इसका मतलब हुआ कि दो-दो लाख रुपए की इन दोनों बीमा योजना के तहत कोई प्रीमियम नहीं देना होगा और यह खर्च सरकार उठाएगी.

•   प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि विभिन्‍न तकनीकों जैसे कि कॉमन एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर (आईसीडीएस-सीएएस) का उपयोग करने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को अतिरिक्‍त प्रोत्‍साहन प्राप्‍त होंगे. 250 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के प्रोत्‍साहन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका के प्रदर्शन पर आधारित होंगे.

प्रधानमंत्री ने देश भर में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम (सहायिका नर्स मिडवाइफ) की टीमों के साथ संवाद किया. उन्‍होंने आपस में मिल-जुल कर काम करने, अभिनव साधनों एवं प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल करने, स्‍वास्‍थ्‍य एवं पोषण सेवाएं बेहतर ढंग से सुलभ कराने और ‘पोषण’ अभियान के लक्ष्‍य की प्राप्ति अर्थात देश भर में कुपोषण में कमी करने के उद्देश्‍य से अथक प्रयास करने के लिए इन कार्यकर्ताओं की सराहना की.

उल्लेखनीय है कि संसद में भी विभिन्न दलों के सदस्य आशा कर्मियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाने की समय-समय पर मांग करते रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा की सरकार का ध्यान पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पर है. टीकाकरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है. इससे महिलाओं और बच्चों को खासी मदद मिलेगी. अब तक 3 करोड़ से ज्यादा बच्चों और 85 लाख से ज्यादा महिलाओं का टीकाकरण कराया गया है.

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