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प्रधानमंत्री मोदी ने COVID-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए अनुकूलित क्रैश कोर्स कार्यक्रम किया शुरू

Anjali Thakur

18 जून, 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने COVID-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए एक कस्टमाइज्ड क्रैश कोर्स प्रोग्राम की शुरुआत की है.

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि, सरकार सभी को मुफ्त में कोरोना वायरस का टीका उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि, देश में 21 जून से टीकाकरण का दायरा बढ़ाया जाएगा और 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को भी वही सुविधा दी जाएगी, जो 45 साल से ऊपर के लोगों को अभी तक दी गई है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस संबोधन में ग्रामीण औषधालयों में तैनात ANM, आशा और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की भी सराहना की और यह कहा कि, उन्होंने टीके लगाने की व्यवस्था और संक्रमण की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

उद्देश्य

इस अनुकूलित क्रैश कोर्स कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे भारत में एक लाख से अधिक COVID योद्धाओं को कौशल प्रदान करना और उनके मौजूदा कौशल बढ़ाना है. यह कार्यक्रम देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में जनशक्ति की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल गैर-चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों को तैयार/ ट्रेंड करने में मदद करेगा.

Prime Minister Narendra Modi launches six customized crash course programme for #COVID19 frontline workers under Skill India via video conferencing pic.twitter.com/NozRn6iPKm

— ANI (@ANI) June 18, 2021

COVID-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए अनुकूलित क्रैश कोर्स: मुख्य विवरण

• इस लॉन्च के साथ, 26 राज्यों में फैले 111 प्रशिक्षण केंद्रों में फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए यह क्रैश कोर्स कार्यक्रम शुरू हो गया है.
• प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के केंद्रीय घटक के तहत फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए इस क्रैश कोर्स को एक विशेष कार्यक्रम के तौर पर डिजाइन किया गया है.
• इस कार्यक्रम के तहत COVID योद्धाओं को जिन छह अनुकूलित नौकरी भूमिकाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा वे हैं - बेसिक केयर सपोर्ट, होम केयर सपोर्ट, एडवांस केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट और मेडिकल इक्विपमेंट सपोर्ट.

फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए यह कार्यक्रम समय की मांग क्यों है?

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह कहा है कि, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों का एक बड़ा पूल/ समूह बनाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं और इस कार्यक्रम के साथ COVID-19 महामारी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण शुरू हो रहा है.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि, वर्ष, 2020 में पहली लहर के दौरान हजारों पेशेवरों को भी प्रशिक्षित किया गया था जिससे इस महामारी से लड़ने में काफी मदद मिली थी.

स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल बढ़ाने, कौशल और पुन: कौशल के महत्व के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि, इस कौशल का विस्तार करना मौजूदा समय की मांग है.

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