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पंजाब मंत्रिमंडल ने पुलिस अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दी

पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब पुलिस अधिनियम, 2007 में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे दी हैं. यह बैठक पंजाब मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में किया गया. यह बिल 28 अगस्त 2018 को सदन में पेश किया गया था.

पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2018 विधानसभा के वर्तमान सत्र में पेश किया जाएगा.

मुख्य तथ्य:

पंजाब पुलिस अधिनियम, 2007 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा तैयार पैनल से डीजीपी के चयन की व्यवस्था नहीं है. यह कानून 05 फरवरी 2008 को लागू हुआ था.

इस माह के प्रारंभ में पंजाब सरकार ने पंजाब पुलिस अधिनियम, 2007 में संशोधन करने का फैसला किया था ताकि वह डीजीपी की नियुक्ति के लिए राज्य पुलिस आयोग का गठन कर सके.

राज्य सरकार ने हाल ही में महाधिवक्ता अतुल नंदा से डीजीपी की नियुक्ति पर राय मांगी थी. नंदा की राय पर मंत्रिमंडल ने पंजाब पुलिस अधिनियम, 2007 की धाराओं 6,15, 27, 28 और 32 में संशोधन करने का फैसला किया ताकि उसे प्रकाश सिंह एवं अन्य बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले में की गयी उच्चतम न्यायालय की सिफारिशों के अनुरुप बनाया जा सके.

यूपीएससी की तरफ से गठित पैनल:

राज्यों को डीजीपी के लिए उम्मीदवारों का चयन करके नियुक्ति का आदेश दिया गया था. मुख्यमंत्री ने एडवोकेट जनरल अतुल नंदा की सलाह को मंजूर किया था, जिसके अंतर्गत अदालती दिशा-निर्देश के साथ राज्य की सत्ता में केंद्र का दखल होगा.

अन्य जानकारी:

पंजाब सरकार ने चारे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विधानसभा के वर्तमान सत्र में कानून बनाने के लिए एक नए मसौदा विधेयक को मंजूरी दी हैं. पंजाब संयोजित मवेशी चारा विनियमन विधेयक 2018 में डेयरी क्षेत्र में उपयोग वाले चारे की गुणवत्ता का नियंत्रण सुनिश्चित करने का प्रावधान है.

यह विधेयक इस विषय पर पहले से विद्यमान कानूनों में संशोधन करेगा. इस नये कानून का मुख्य उद्देश्य मवेशी चारा और खनिज मिश्रणों के विनिर्माण, वितरण, भंडारण और बिक्री का विनियमन है. हर विनिर्माता और डीलर निर्माधित मापदंडों को पूरा करने के लिए पंजीकरण की खातिर बाध्य होंगे.

यह भी पढ़ें: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों का डोप टेस्ट अनिवार्य किया गया

 
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