राजस्थान में गुर्जर सहित 5 पिछड़ी जातियों को 5% आरक्षण देने का विधेयक पारित

राजस्थान सरकार ने गुर्जर सहित 5 जातियों को 5% आरक्षण का प्रावधान करने वाला विधेयक 13 फरवरी 2019 को विधानसभा में पारित कर दिया. इसके तहत इस जाति के उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा.

इस बिल को देर रात राज्यपाल कल्याण सिंह ने भी मंजूरी दे दी. इसके अलावा राज्य सरकार एक प्रस्ताव पारित कर इस आरक्षण व्यवस्था को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल करने की अपील की है.

राजस्थान में गुर्जरों को 5% आरक्षण

•    विधानसभा में पारित विधेयक में राज्य में पांच अति पिछड़ी जातियों (1) बंजारा/ बालदिया/लबाना (2) गाडिया लोहार/ गाडोलिया (3) गुर्जर/गुजर (4) राइका/ रैबारी/ देबासी (5) गडरिया/गाडरी/ गायरी को 5 प्रतिशत आरक्षण मुहैया करने का प्रावधान किया गया है.

•    साथ ही राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण मौजूदा 21 प्रतिशत से बढाकर 26 प्रतिशत करने का भी प्रावधान किया गया है.

•    राज्य सरकार की ओर से मंत्री बीडी कल्ला ने राजस्थान पिछड़ा वर्ग (राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में सीटों और राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों और पदों का आरक्षण) संशोधन विधेयक, 2019 सदन में पेश किया.

•    साथ ही राज्य विधानसभा ने विधेयक को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए एक शासकीय संकल्प भी ध्वनिमत से पारित किया.

•    इसके जरिए केंद्र सरकार से उक्त विधेयक को संविधान की 9वीं अनुसूची में सम्मिलित करने और संविधान में यथोचित संशोधन करने का अनुरोध किया गया है.

पृष्ठभूमि

लगभग एक सप्ताह से राजस्थान में गुर्जर समुदाय के लोग आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे थे गुर्जर नेता राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थालनों में प्रवेश के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर रहे थे. इससे पहले आंदोलन की वजह से 15 ट्रेनें रद्द की गईं, जबकि 8 ट्रेनों के रूट को डायवर्ट किया गया.

 

30 दिन में NRI शादी रजिस्टर नहीं हुई तो पासपोर्ट होगा जब्त: NRI विवाह पंजीकरण विधेयक-2019

 

Related Categories

NEXT STORY
Also Read +
x