केंद्रीय रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के नामांकन को मंजूरी दी

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद सैनिक स्कूल में 2021-22 सत्र से लड़कियों को प्रवेश मिल सकेगा.  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबंधित अधिकारियों को इन शिक्षण संस्थानों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं तथा पर्याप्त महिला कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है.

यह फैसला क्यों लिया गया

यह फैसला रक्षा मंत्रालय द्वारा दो साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल छिंगछिप में शुरू किए गये पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया है. यह फैसला रक्षा मंत्रालय ने सेना में महिलाओं की बराबर की भागीदारी, लैंगिक समानता तथा केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गये 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान को आगे बढ़ाने के लिहाज से लिया है.

मिजोरम के छिंगछिप सैनिक स्कूल ने रचा इतिहास

मिजोरम के छिंगछिप सैनिक स्कूल ने इतिहास रच दिया है. दरअसल, इस सैनिक स्कूल ने 04 जून 2018 को 06 लड़कियों को दाखिला दिया. यह लड़कियों (छात्राओं) को दाखिला देने वाला देश का पहला सैनिक स्कूल बन गया है. सैनिक स्कूल इसके पहले तक लड़कों के लिए ही जाना जाता था, लेकिन छिंगछिप सैनिक स्कूल ने देश के अन्य दूसरे सैनिक स्कूलों के लिए एक नया तथा महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया.

इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का निर्देश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैनिक स्कूलों में पर्याप्त संख्या में महिला कर्मियों की नियुक्ति तथा आधारिक संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को बढ़ाने के आदेश दिए जिससे की सैनिक स्कूलों में लड़कियों के दाखिले का काम शुरू किया जा सके.

पहली सैनिक स्कूल की स्थापना कब हुई थी

भारत के पहले सैनिक स्कूल की स्थापना साल 1961 में महाराष्ट्र में हुई थी. इसके बाद हरियाणा के कुंजपुरा, पंजाब के कपूरथला, गुजरात के बालाचडी तथा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में सैनिक स्कूल खोले गये थे.

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सैनिक स्‍कूल के बारे में:

सैनिक स्‍कूलों के स्थापना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उचित शिक्षण देकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश कराना था. सैनिक स्कूल में शिक्षण का माध्यम अंग्रेजी होता है. यह स्कूल सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के द्वारा संचालित होते है. इस बोर्ड के चेयरमैन (अध्यक्ष) देश के रक्षा मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री बोर्ड के सदस्य होते हैं. एनडीए के तहत 28 सैनिक स्कूल हैं.

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