शक्तिकांत दास भारतीय रिज़र्व बैंक के 25वें गवर्नर नियुक्त

शक्तिकांत दास ने 11 दिसम्बर 2018 को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के 25वें गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया. उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा. उन्हें उर्जित पटेल के स्थान पर नियुक्त किया गया गया है.

इससे पहले उर्जित पटेल ने निजी कारणों से भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर के पद से इस्तीफ़ा दिया था. वे भारतीय रिज़र्व बैंक के 24वें गवर्नर थे. विदित हो कि केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था.

आरबीआई के गवर्नर के रूप में उनका कार्यकाल 4 सितम्बर 2016 से 10 दिसम्बर 2018 के बीच रहा. उर्जित पटेल के इस्तीफे की बात पहले भी सामने आई थी तब सरकार ने बयान जारी कर कहा कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता रिजर्व बैंक के एक्ट के तहत जरूरी है. उर्जित पटेल ने कहा है कि उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है.

शक्तिकांत दास की पहचान एक ऐसे नौकरशाह के तौर पर है जिन्होंने केन्द्र में तीन अलग-अलग वित्त मंत्रियों के साथ सहजता के साथ काम किए हैं.

 

                  रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 से संबंधित मुख्य तथ्य:

कुछ समय पूर्व से यह माना जा रहा था कि यदि सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू करती है तो उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं. रिजर्व बैंक के सेक्शन 7 के तहत सरकार को ये अधिकार है कि वो आरबीआई के गवर्नर को गंभीर और जनता के हित के मुद्दों पर काम करने के लिए निर्देश दे सकती है. हालांकि, वित्त मंत्रालय ने आरबीआई को लेकर बयान जारी कर कहा था कि आरबीआई की स्वायत्ता जरूरी है और सरकार उसकी स्वायत्तता का सम्मान करती है.

 

शक्तिकांत दास के बारे में:

•   शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1957 को हुआ था. वे दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नात्कोत्तर हैं.

   शक्तिकांत दास को वित्त मंत्रालय में पहली बार वर्ष 2008 में संयुक्त सचिव के तौर नियुक्त किया गया, जब पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे. इसके बाद संप्रग सरकार में जब प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला तब भी वे इसी मंत्रालय में रहे और पहले संयुक्त सचिव के तौर पर और फिर अतिरिक्त सचिव के रूप में लगातार पांच साल वे बजट बनाने की टीम का हिस्सा रहे.

   शक्तिकांत दास आर्थिक मामले विभाग के पूर्व सचिव हैं. वे मई 2017 में आर्थिक मामले सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे. वे 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अफसर हैं.

   उन्होंने नोटबंदी के दौरान बेहद अहम भूमिका निभाई थी. शक्तिकांत दास अभी 15वें वित्त आयोग के सदस्य हैं.

   हाल ही में ब्यूनस आयर्स में दो दिवसीय वार्षिक जी-20 बैठक के दौरान शक्तिकांत दास को भारत के शेरपा नियुक्त किया गया था.

 

                          भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक भारत का केन्द्रीय बैंक है. यह भारत के सभी बैंकों का संचालक है. रिजर्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियन्त्रित करता है.

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 के प्रावधानों के अनुसार 01 अप्रैल 1935 को हुई थी. बाबासाहेब डॉ॰ भीमराव आंबेडकर जी ने भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में अहम भूमिका निभाई हैं, उनके द्वारा प्रदान किये गए दिशा-निर्देशों या निर्देशक सिद्धांत के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक बनाई गई थी.

पूरे भारत में रिज़र्व बैंक के कुल 22 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिनमें से अधिकांश राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं. रिज़र्व बैंक का कामकाज केन्द्रीय निदेशक बोर्ड द्वारा शासित होता है. भारतीय रिज़र्व अधिनियम के अनुसार इस बोर्ड की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है.

 

माना जाता है कि 8 नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फ़ैसला आने से पहले जिस ख़ास टीम ने इस विषय पर काम किया था, उसमें शक्तिकांत दास ने अहम भूमिका निभाई थी. नोटबंदी के दौरान शक्तिकांत दास आर्थिक मामलों के सचिव थे, और वो हर दिन नोटबंदी के नए नियम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे.

 

यह भी पढ़ें: उर्जित पटेल ने भारतीय रिज़र्व बैंक के 24वें गवर्नर का पदभार ग्रहण किया

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