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सिक्किम में लोगों को पेड़ों के साथ मानवीय रिश्ता बनाने की मंजूरी प्रदान की गयी

सिक्किम सरकार ने हाल ही में राज्य के नागरिकों को पेड़ों के साथ भाई-बहन जैसा मानवीय संबंध रखने की अनुमति प्रदान की. इस संबंध में राज्य वन विभाग, ने सिक्किम वन वृक्ष (एमिटी एंड रेवेरंस) नियम 2017 नामक अधिसूचना जारी की है.

लोगों को इस मुहिम से जोड़ने का उद्देश्य वृक्षों का संरक्षण करना है. सरकार द्वारा उठाये गये इस कदम से लोग पेड़ों के साथ रिश्ता बना सकेंगे तथा उनकी देख-भाल कर सकेंगे. स्थानीय भाषा में इस परंपरा को मितिनी अथवा मित कहा जाता है.

अधिसूचना की विशेषताएं

•    राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी करके कहा है कि राज्य का कोई भी नागरिक अपने अथवा सार्वजनिक स्थल पर मौजूद किसी वृक्ष से भाई-बहन का संबंध बना सकता है.

•    कोई भी व्यक्ति वृक्ष को अपने बच्चे की भांति गोद भी ले सकता है. यह वृक्ष उस व्यक्ति द्वारा गोद लिया गया पेड़ कहलायेगा.


•    व्यक्ति किसी वृक्ष को किसी की याद में भी गोद ले सकते हैं. इस प्रकार के वृक्षों को स्मृति वृक्ष कहा जायेगा.

•    यदि व्यक्ति किसी वृक्ष के साथ किसी प्रकार का रिश्ता जोड़ना चाहता हो तो उसे पहले वन विभाग से अनुमति लेनी होगी.

•    यदि किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर मौजूद वृक्ष से इस प्रकार का रिश्ता कायम करना है तो भू-स्वामी से लिखित में अनुमति लेनी होगी. जो व्यक्ति यह अनुमति लेगा वह भू-स्वामी को मौजूदा बाज़ार भाव से लकड़ी अथवा पेड़ की कीमत भी अदा करेगा.

टिप्पणी

सिक्किम भारत के सबसे हरित एवं स्वच्छ राज्यों में से एक है. वर्ष 2015 के वनीय सर्वेक्षण के अनुसार सिक्किम का 47.80 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र से ढका है. सिक्किम में वृक्षों से मानवीय रिश्ता रखना यहां की पुरानी परंपरा रही है.

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