सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया

सोनिया गांधी को कांग्रेस के नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों की पहली बैठक में कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया है. यह बैठक 01 जून 2019 को हुई, जिसमें देश भर से चुने गये 52 कांग्रेसी सांसदों ने भाग लिया. दोबारा कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने अपने संबोधन में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने वाले लोगों का धन्यवाद किया.

बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसदीय दल के नेता के लिए सोनिया गांधी के नाम का प्रस्‍ताव किया जिसे सर्वसम्‍मति से स्‍वीकृत कर लिया गया. वर्ष 2019 के लोक सभा चुनावों में 543 सदस्‍यों वाली लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसद हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए 55 सदस्‍यों की जरूरत होती है. इस प्रकार कांग्रेस के पास इस पद के लिए तीन सांसदों की कमी है. वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सिर्फ 44 संसद पहुंचे थे. वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 303 सीटें मिलीं, जो उसके इतिहास में सबसे ज्यादा हैं.

वर्ष 1999 की स्थिति

राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिए जाने की अटकलों के बीच सोनिया गांधी को संसदीय दल का नेता चुना गया है. इससे पहले, 15 मई 1999 को लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था. उस समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के सीनियर नेता शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर की तरफ से उनके विदेशी मूल को लेकर प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर विरोध को देखते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था.

राहुल गांधी का वायनाड दौरा

राहुल गांधी द्वारा लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट से जीत दर्ज करने के बाद वे पहली बार 07  तथा 08 जून 2019 को वायनाड के दौरे पर जायेंगे. इस दौरे पर वे मतदाताओं का आभार व्यक्त करेंगे तथा वहां की समस्याओं एवं लोगों की अपेक्षाओं के बारे में जानेंगे. वायनाड से राहुल गांधी ने चार लाख 31 हजार वोटों से जीत हासिल की थी.

यह भी पढ़ें: मई 2019 के 30 महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स घटनाक्रम

यह भी पढ़ें: देश की पहली महिला 'वित्तमंत्री' बनीं निर्मला सीतारमण, जाने कैसे रचा इतिहास

Continue Reading
Advertisement

Related Categories

Popular

View More