सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की राफेल पर पुनर्विचार याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही राफेल सौदे पर अपने पिछले फैसले के खिलाफ दायर सभी समीक्षा याचिकाओं को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं केा खारिज कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने राफेल मामले में दायर की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है. इस पीठ में न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ भी शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा की हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवायी योग्य नहीं हैं.

राफेल मामले में समीक्षा याचिकाएं प्रशांत भूषण, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने दायर की थीं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने फैसला सुनाया है. हालांकि इस फैसले की समीक्षा के लिए कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं. सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई 2019 को इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 10 अप्रैल को दस्तावेजों की जांच के खिलाफ केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियों को खारिज कर दिया था. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने तर्क दिया था कि दस्तावेज प्राधिकरण के बिना प्राप्त किये गये थे तथा इसलिए आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन किया गया.

सुप्रीम कोर्ट का 14 दिसंबर का निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं केा खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर के फैसले में कहा था कि 36 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने में निर्णय निर्धारण की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई बात नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में 14 दिसंबर 2018 को दिए अपने फैसले में केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे दी थी.

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क्या था पुनर्विचार याचिका में?

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाए गये थे. सुप्रीम कोर्ट में विमानों की कीमत को लेकर भी याचिका डाली गई थी. याचिकाओं  ने ‘लीक’ दस्तावेज का हवाला देते हुए आरोप लगाए गये कि इस समझौता में पीएमओ ने रक्षा मंत्रालय को भी भरोसे में नहीं लिया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वे ठोस सबूतों के बगैर इस मामले में कोई दखल नहीं देगी.

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