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दूरसंचार आयोग ने विमान यात्रा के दौरान मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल को दी मंजूरी

दूरसंचार आयोग ने 01 मई 2018 को देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों में मोबाइल फोन काल एवं इंटरनेट सेवाओं की अनुमति के प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी. दूरसंचार आयोग, दूरसंचार विभाग का फैसले करने वाला शीर्ष निकाय है.

दूरसंचार संबंधी शिकायतों से निपटने के लिए दूरसंचार लोकपाल का पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. प्रस्तावित लोकपाल दूरसंचार नियामक ट्राई के अधीन आएगा और इसके लिए ट्राई कानून में संशोधन करना होगा.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिशों के अनुसार उड़ान के दौरान मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग विमान के 3000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद किया जा सकेगा. मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क के साथ तालमेल बिठाने के इरादे से ऐसा करना जरूरी होता है.

इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए कंपनियों को अलग से लाइसेंस दिए जाएंगे. कंपनियों से एक रुपये की औपचारिक लाइसेंस फीस वसूली जाएगी. लेकिन इन्हें विमान यात्रियों से अंतरराष्ट्रीय चलन के अनुसार शुल्क वसूलने की आजादी दी जाएगी.

ट्राई द्वारा दी गई अधिकांश सिफारिशों को आयोग ने स्वींकार कर लिया है. अब विभाग इस मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू करेगा और तीन महीने के भीतर इसे तैयार कर लिया जाएगा. जिसके बाद एयरलाइंस में कॉलिंग और इंटरनेट ब्राउजिंग की व्येवस्था  शुरू हो जाएगी.

दूरसंचार आयोग द्वारा दी गई अन्य मंजूरी:

दूरसंचार आयोग ने वाई-फाई के विस्तार और ब्रॉडबैंड सेवाओं में सुधार के लिए जगह-जगह पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट खोलने की योजना को भी मंजूरी दे दी है.

इंटरनेट टेलीफोन के इस्तेमाल व ग्राहकों की शिकायतों के निपटान के लिए ‘लोकपाल’ का पद सृजित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है.

यह भी पढ़ें: दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किये

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण:

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण भारत में दूरसंचार पर नियंत्रण हेतु एक स्वायत्त नियामक प्राधिकरण है. इसका गठन 1997 में भारत सरकार द्वारा किया गया था.

भारत का दूर संचार नेटवर्क एशिया की उभरती अर्थ व्यदवस्थािओं में दूसरा सबसे और विश्वा का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है. प्राधिकरण का उद्देश्य है एक ऐसा उचित और पारदर्शी परिवेश उपलब्ध कराना, जो समान अवसरों के लिए प्रोत्साहित करें. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है.

पृष्ठभूमि:

मोबाइल कम्युनिकेशन सर्विस ऑन बोर्ड एयरक्राफ्ट की सुविधा से अब हवाई जहाज में मोबाइल से कॉल करना या डेटा का इस्तेमाल करना आसान हो गया है. इसके आने के बाद दुनिया की 30 प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को विमान में कॉल और नेट की सुविधा देने लगी है. हवाई जहाज में मोबाइल फोन नेटवर्क एक पोर्टबेल टावर की मदद से चल सकता है. यह मशीन टेलिकॉम कंपनियों की मदद से एयरलाइंस कपंनियां लगा सकती हैं.

 
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