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भारत और मोरक्को आतंकवाद का मुकाबला करने हेतु संयुक्त कार्यसमूह गठित करने पर सहमत

भारत के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मोरक्को के विदेश मंत्री नासेर बौरिटा के बीच मोरक्‍को की राजधानी रबात में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद चार सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गये.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मोरक्को के विदेश मंत्री ने रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद और व्यापार तथा निवेश सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.

मुख्य तथ्य:

   भारत और मोरक्‍को ने आतंकवाद से लड़ने के लिए संयुक्त कार्य समूह के गठन पर भी सहमत हुए जिसमें सीमा पार से आतंकवाद, आतंकी वित्त पोषण और आतंकवादियों की भर्ती से निपटना शामिल है.

   यह संयुक्त कार्यदल सीमापार आतंकवाद, आतंकवादियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई, आतंकी संगठनों द्वारा युवाओं की बड़े पैमाने पर भर्ती जैसे विषयों पर काम करेगा.

   इस संयुक्त कार्य समूह की स्थापना होने पर आंतकवादी हमले से संबंधित मामले को सुलझाने में मदद मिलेगी. आंतकवादी गतिविधियों के बारे में सूचना प्राप्त करने अथवा उसके आदान-प्रदान में यह समझौता एक आधार के रूप में काम करेगा.

भारत के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बुल्गारिया मोरक्को और स्पेन तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा पर हैं. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य तीनों देशों के साथ भारत के संबंधों के मजबूत करना है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ये पहली मोरक्को यात्रा है.

 

चार मझौतों पर हस्ताक्षर:

इन चार समझौतों में आतंकवाद से मुकाबले पर संयुक्‍त कार्य समूह का गठन, आवास और मानवीय बसावट, व्‍यापारिक वीजा जारी करने के लिए प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाना शामिल है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा की भारत कई दशकों से सीमापार आतंकवाद का शिकार रहा है, इसलिए मोरक्‍को के साथ काउंटर टेरेरिज्‍म के विषय पर हुआ समझौता हमारे लिए बहुत अहमियत रखता है. उन्होंने कहा की इसी तरह व्‍याव‍सायिक वीजा को आसान करने वाला समझौता हम दोनों देशों के मध्‍य व्‍यापार बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्‍थर साबित होगा. भारत-मोरक्को के साथ बहुआयामी साझेदारी को काफी महत्व देता है.

 

यह भी पढ़ें: भारत और अर्जेंटीना के मध्य 10 समझौतों पर हस्ताक्षर

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