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टोक्यो ओलंपिक 2020: जानिए भारत के पदक विजेताओं के बारे में

Vikash Tiwari

कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद टोक्यो ओलंपिक का आयोजन सफल रहा. टोक्यो ओलंपिक में खेलों का समापन हो चुका है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक ने 08 अगस्त 2021 को टोक्यो में 32वें ओलंपिक खेलों के समापन की घोषणा की.  इस खेलों के महाकुंभ में 205 देश, 33 खेल, 339 इवेंट्स और 11 हजार से अधिक एथलीट हिस्सा लिए थे. 

भारत इस ओलंपिक में सात पदक के साथ 48वें स्थान पर रहा. ओलंपिक इतिहास में भारत का यह सबसे शानदार प्रदर्शन है. भारत की ओर से भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और रेसलर रवि कुमार दहिया ने सिल्वर मेडल दिलाया. वहीं शटलर पीवी सिंधु, रेसलर बजरंग पूनिया. बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीते.

भारत के पदक विजेताओं के बारे में

मीराबाई चानू: वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 24 जुलाई 2021 को सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया है. वे वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. इस उपलब्धी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उनसे बात की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.

मैं बहुत खुश हूं कि मैंने मेडल जीता। पूरा देश मुझे देख रहा था और उनकी उम्मीदें थीं, मैं थोड़ा नर्वस थी लेकिन मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की ठान ली थी। मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की: मीराबाई चानू #TokyoOlympics

(फोटो: भारतीय ओलंपिक संघ) pic.twitter.com/YgzTLc147f

— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 24, 2021

ओलंपिक खेलों के लिए टोक्यो रवाना होने से पहले ही मीराबाई चानू ने भारत के लिए मेडल जीतने का दावा किया था. मीराबाई चानू ने देश की झोली में पहला मेडल डाल दिया है. मीराबाई चानू के कोच ने भी दावा किया था कि सिल्वर मेडल पक्का है. क्लीन एंड जर्क के आखिरी प्रयास में 117 किलोग्राम का भार उठाने की कोशिश की थी, लेकिन वो सफल नहीं हो पाई और उन्होंने देश की झोली में सिल्वर मेडल डाला.

पीवी सिंधु: पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है. भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया है. सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल के मैच में चीन की शटलर बिंगजिआओ पर 21-13 और 21-15 से जीत दर्ज की है. पीवी सिंधु ओलंपिक के व्यक्तिगत इवेंट में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी हैं.

HISTORY CREATED🤩@Pvsindhu1 becomes 1️⃣st 🇮🇳 woman & only 2️⃣nd athlete after @WrestlerSushil to win 2️⃣ back to back medals. It's also 3️⃣rd consecutive #Olympic medal from #Badminton.She defeats 🇨🇳's Bing Jiao to clinch🥉at #Tokyo2020🥳#SmashfortheGlory#Cheer4India#TeamIndia pic.twitter.com/vYYSN11dzj

— BAI Media (@BAI_Media) August 1, 2021

पुरुषों में पहलवान सुशील कुमार (कांस्य- बीजिंग 2008, रजत- लंदन 2012) ने यह कारनामा किया था.  रियो ओलंपिक में भी सिंधु ने कमाल का परफॉर्मेंस दिखाया था और रजत पदक जीता था. टोक्यो में कांस्य जीत कर वो भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बन गई हैं, जिसने ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा में दो पदक हासिल किए हैं. रियो ओलंपिक में सिंधु फाइनल में स्पेन की केरोलिना मारिन के हाथों हार गई थीं. यहां टोक्यो में सिंधु को सेमीफाइनल में ताइवान की ताए जू यिंग के हाथों हार मिली थी.

लवलीना बोरगोहेन: भारत की स्टार युवा मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा है. 22 वर्षीय महिला मुक्केबाज को सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन तुर्की की बुसेनाज सुरमेनेली के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में पहली बार ओलंपिक खेल रही लवलीना ने पूरा जोर लगाया लेकिन बुसेनाज के खिलाफ ज्यादा कुछ नहीं कर पाईं. भारतीय मुक्केबाज को 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी.

#IND's Lovlina Borgohain wins India's THIRD medal at #Tokyo2020 - and it's a #Bronze in the women's #Boxing welterweight category! #StrongerTogether | #UnitedByEmotion | #Olympics pic.twitter.com/wcX69n3YEe

— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 4, 2021

लवलीना भले ही फाइनल में पहुंचने से चूक गईं, बावजूद इसके वह इतिहास रचने में सफल रहीं. वह अब ओलंपिक इतिहास में पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं. यही नहीं वह 125 साल के ओलंपिक इतिहास में असम की पहली एथलीट हैं जिन्होंने पदक जीता है. बता दें कि लवलीना से पहले सिर्फ दिग्गज मैरीकॉम और विजेंद्र सिंह ने ही मुक्केबाजी में ओलंपिक मेडल जीते थे.

भारतीय पुरुष हॉकी टीम: भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में पदक हासिल कर लिया है. भारत ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के मुकाबले में जर्मनी को हरा दिया. भारत ने मैच में शुरुआत में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की और जर्मनी के खिलाफ मैच को 5-4 से जीत लिया. टीम इंडिया ने इससे पहले आखिरी बार हॉकी में साल 1980 में ओलंपिक मेडल जीता था.

A HISTORIC COMEBACK! 🥉🙌#IND men’s #hockey team came back 3-3 in the first-half against #GER and took the lead in the final 30 minutes to win the match 5-4 and the #bronze medal 🙌#Tokyo2020 | #UnitedByEmotion | #StrongerTogether pic.twitter.com/acZHNxR5Py

— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 5, 2021

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है. भारतीय टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक में पदक हासिल किया है. जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में 1-3 से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने जोरदार वापसी की और 5-4 से मुकाबला अपने नाम किया. भारत की ओर से सिमरनजीत सिंह ने दो जबकि रुपिंदर, हार्दिक और हरमनप्रीत ने एक-एक गोल दागे.

रवि कुमार दहिया: भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है. 05 अगस्त 2021 को 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रवि दहिया को दूसरी वरीय रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव ने 7-4 से मात दी. फाइनल में हार के साथ ही रवि दहिया का ओलंपिक में गोल्ड जीतने का सपना चकनाचूर हो गया है. गौरतलब है कि ओलंपिक में सिर्फ अभिनव बिंद्रा ही व्यक्तिगत स्पर्धा में अबतक भारत के लिए गोल्ड जीत पाए हैं. अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक (2008) के 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में यह सुनहरी उपलब्धि हासिल की थी.

Ravi Kumar Dahiya - #IND's second wrestler to win an Olympic #silver medal 👏👏👏

Take a bow, champ! 🙌#Tokyo2020 | #UnitedByEmotion | #StrongerTogether | #Wrestling pic.twitter.com/Ggy5ILaeEv

— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 5, 2021

रवि कुमार दहिया ओलंपिक में पदक जीतने वाले ओवरऑल पांचवें भारतीय पहलवान हैं. सबसे पहले पहलवान केडी जाधव ने हेलसिंकी ओलंपिक (1952) में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. इसके बाद पहलवान सुशील कुमार ने भारत के लिए बीजिंग ओलंपिक (2008) में कांस्य और लंदन ओलंपिक (2012) में रजत पदक अपने नाम किया था.सुशील के अलावा योगेश्वर दत्त भी लंदन ओलंपिक में कांस्य जीतने में सफल रहे थे. साक्षी मलिक ने 2016 के रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था.

बजरंग पूनिया: भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया (65 किग्रा भार वर्ग) ने 07 अगस्त 2021 को कजाकस्तान के पहलवान नियाजबेकोव दौलत को 8-0 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है. बता दें कि बजरंग ने 65 किग्रा भार वर्ग में ईरान के मुर्तजा चेका घियासी को 2-1 से पटखनी देकर कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी. इससे पहले बजरंग ने किर्गीस्तान के अर्नाजार अकमातालिएव को हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की की थी.

Dominating from the word go. Bajrang Punia delivered once again. 🔥

Describe THAT Bajrang performance in one word! 😍#Tokyo2020 | #UnitedByEmotion | #StrongerTogether | #Wrestling pic.twitter.com/JAa267eD9j

— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi) August 7, 2021

बजरंग पूनिया को सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था. उन्हें अजरबैजान के पहलवान अलीयेव हाजी ने 12-5 से हराया था. बजरंग के कांस्य पदक के साथ ही कुश्ती में भारत के खाते में अब तक सात ओलंपिक पदक आए हैं. बीते दिनों रवि दहिया ने रजत पदक जीता था. इससे पहले पहलवान सुशील कुमार ने भारत के लिए ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया था.

नीरज चोपड़ा: नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है. उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किया है. नीरज ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 87.58 मीटर के स्कोर के साथ शीर्ष पर रहे.

Golden⚡️Moment:
India wins first ever Olympic medal in Athletics!

📸: The moment Neeraj Chopra fulfilled Indian athletics legend Milkha Singh’s last wish:of seeing an Indian win an Olympic medal in track and field.#NeerajChopra#Tokyo2020#Cheer4India pic.twitter.com/av3VR3Ghxp

— All India Radio News (@airnewsalerts) August 7, 2021

इस जीत के साथ ही नीरज ने 121 साल के इतिहास में पहली बार ट्रैक एंड फील्ड में भारत को गोल्ड दिला दिया है. वह फील्ड एंड ट्रैक में गोल्ड जीतने वाले पहले और व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले दूसरे भारतीय हैं. उनसे पहले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीता था.

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