टॉप 10 साप्ताहिक करेंट अफेयर्स घटनाक्रम: 20 मई से 25 मई 2019

जागरण जोश डॉट कॉम अपने पाठकों के लिए पूरे सप्ताह से चुनिंदा एवं महत्वपूर्ण टॉप-10 साप्ताहिक करेंट अफेयर्स घटनाक्रम प्रस्तुत कर रहा है.

1. डीआरडीओ ने गाइडेड बम छोड़ने का सफल परीक्षण किया

24 मई 2019 को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने राजस्थान के पोकरण में एक सुखोई लड़ाकू विमान से 500 किलोग्राम श्रेणी के एक गाइडेड बम छोड़ने का सफल परीक्षण किया. यह बम देश में ही विकसित किया गया है. बताया गया कि बम ने उच्च सटीकता के साथ तीस किमी की दूरी पर अपने लक्ष्य को निशाना बनाया.

यह प्रणाली विभिन्‍न प्रकार के युद्धक हथियारों को ले जाने में सक्षम है. गाइडेड बम का परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब दो दिन पहले ही भारतीय वायुसेना ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में एक सुखोई विमान से सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के हवाई संस्करण का सफल परीक्षण किया.

2. गोपाल श्रेष्ठ माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पहले एचआईवी संक्रमित पर्वतारोही बने

22 मई 2019 को नेपाल के रहने वाले गोपाल श्रेष्ठ विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पहले एचआईवी संक्रमित व्यक्ति बन गए. नेपाल की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के खिलाड़ी रह चुके श्रेष्ठ ने यह उपलब्धि अपने दूसरे प्रयास में हासिल की. गोपाल श्रेष्ठ को 25 साल पहले संक्रमित इंजेक्शन लगने की वजह से एचआईवी हो गया था.

माउंट एवरेस्ट पर फतेह करने का गोपाल श्रेष्ठ का यह दूसरा प्रयास था. उन्होंने साल 2015 में पहला प्रयास किया था, लेकिन भूकंप आने के कारण एवरेस्ट बेस कैंप से उन्हें वापस लौटना पड़ा था. गोपाल श्रेष्ठ का यह दूसरा प्रयास उनके 'स्टेप-अप अभियान: एवरेस्ट मुहिम का दूसरा चरण' का हिस्सा था. इसके तहत वह समाज और देश में एचआईवी से प्रभावित बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए जागरूकता फैलाते हैं.

3. भावना कंठ ने रचा इतिहास, IAF की पहली महिला ऑपरेशनल फाइटर पाइलट बनीं

23 मई 2019 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ भारतीय वायुसेना की पहली ऑपरेशनल फ़ाइटर पायलट बन गई हैं. फ़ाइटर एयरक्राफ्ट में उन्होंने दिन में उड़ान भरने की ट्रेनिंग पूरी कर ली है. इसका अर्थ है कि अब फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंत किसी हवाई युद्ध में शामिल हो सकती हैं. फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाली महिलाओं के पहले बैच की सदस्य हैं. फिलहाल भावना कंठ राजस्थान में पाकिस्तान से लगने वाली सीमा पर तैनात हैं.

भारतीय वायुसेना में करीब 94 महिलायें पायलट हैं. ये महिला पायलट मिग, मिराज, जेगुआर या सुखोई जैसे फाइटर एय़रक्राफ्ट नहीं उड़ातीं. महिला पायलट हेलीकॉप्टर और परिवहन एयरक्राफ्ट पर ही तैनात की जाती हैं. लेकिन भारतीय वायुसेना महिला फ़ाइटर पायलटों को मौका देकर देश की पहली ऐसी सशस्त्र सेना बन गई, जिसने महिलाओं को सीधे मोर्चे पर उतार दिया.

4. ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला

ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को साल 2019 के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है. जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘सेलेस्टियल बॉडीज’ के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है. यह पुरस्कार अल्हार्थी ने जीतकर ओमान में इतिहास रच दिया है. जोखा अरबी भाषा की पहली लेखिका हैं, जिन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया है. बुकर पुरस्कार के जजों की समिति इस पुस्तक की इन्हीं खूबियों को विश्व के सामने लाना चाहती है.

बुकर पुरस्कार को लेकर जोखा अल्हार्थी का मुकाबला कई प्रसिद्ध लोगों और पुराने विजेताओं से भी था. इनमें ओल्गा टोकरजुक, फ्रांस की साहित्यकार एनी एर्नॉक्स तथा कोलंबिया की युआन गैब्रियल वैस्केज से था. जोखा अल्हार्थी की यह जीत इस मायने में भी बहुत खास है क्योंकि उनकी रचना मूल रूप से अरबी में है और इसके अंग्रेजी में अनुवाद को बुकर पुरस्कार की चयन समिति ने चुना है.

5. World Cup 2019: अफगानिस्तान में पहली बार होगा वर्ल्ड कप का प्रसारण

आईसीसी ने 21 मई 2019 को प्रसारण और डिजिटल वितरण योजना की घोषणा की जिसके तहत पहली बार अफगानिस्तान में इस टूर्नामेंट का प्रसारण होगा. इस योजना के तहत आईसीसी प्रशंसकों तक क्रिकेट की पहुंच को सुनिश्चित करने हेतु टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल माध्यमों के अतिरिक्त समाचार, सिनेमा, फैन पार्क और विभिन्न अन्य मीडिया साझेदारों की घोषणा की.

इस टूर्नामेंट को भारत में सात क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा, जिसके लिए स्टार स्पोर्ट्स ने विश्व के सर्वश्रेष्ठ कमेंटेटरों की टीम बनाई है. इसमें लगभग पचास कमेंटेटर शामिल है. स्टार स्पोर्ट्स भारत में अंग्रेजी के अतिरिक्त हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगला और मराठी में विश्व कप का प्रसारण करेगा.

6. इसरो ने RISAT-2B का सफल प्रक्षेपण किया

इसरो ने 22 मई 2019 को पीएसएलवी-सी46 के ज़रिए ‘रीसैट -2बी’ (RISAT-2B) रडार सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया है. यह इस सीरीज का चौथा सैटेलाइट है. यह सैटेलाइट दिन, रात, घने बादल और बारिश में भी निगरानी रख सकता है. प्रक्षेपण के दौरान रॉकेट अपने साथ 615 किलोग्राम रीसैट -2बी को ले गया है. रीसैट-2 के करीब सात साल बाद रीसैट-2बी को प्रक्षेपित किया गया है.

इस सैटेलाइट से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी. यह सैटेलाइट धरती पर मौजूद किसी बिल्डिंग या किसी वस्तु की तस्वीरें दिनभर में ही दो से तिन बार ले सकती है. यह सैटेलाइट सीमाओं पर घुसपैठ रोकने में भी सुरक्षाबलों को सहायता प्रदान करेगा.

7. अल्टिमा थुले पर मिले पानी की मौजूदगी के सबूत: नासा

नासा को हाल ही में अल्टिमा थूले की सतह पर मेथनॉल, पानी की जमी बर्फ, और कार्बनिक अणुओं के एक अद्वितीय मिश्रण का सबूत मिला है. यह मानव जाति द्वारा खोजी गई अब तक की सबसे दूर की दुनिया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अल्टिमा थुले की पहला प्रोफाइल अपने साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है. इसके तहत अंतरिक्ष की जटिल दुनिया के बारे में और अधिक जानकारी मिली है.

अल्टिमा थुले एक अंतरिक्ष यान द्वारा देखी गई अब तक की सबसे दूर की वस्तु है. अल्टिमा थुले प्लूटो से 1.6 बिलियन किलोमीटर तथा पृथ्वी से 6.4 बिलियन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अल्टिमा थुले 4.5 बिलियन साल पहले सौर प्रणाली के उत्पत्ति के संबंध में सूचनाएँ एकत्र करेगा. इससे हमारे सौर मंडल की उत्पत्ति को समझने में मदद मिलेगी.

8. डिजिटल भुगतान पर नंदन नीलेकणि पैनल ने आरबीआई को सौंपी रिपोर्ट

नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने डिजिटल भुगतान पर अपनी रिपोर्ट आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास को सौंप दी है. नीलेकणि के अतिरिक्त आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एच.आर. खान और पूर्व इस्पात सचिव अरुणा शर्मा भी इस पांच सदस्यीय पैनल में थे. समिति ने विभिन्न हितधारकों से इस संबंध में विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की.

यह समिति वित्तीय समावेशन में डिजिटल भुगतान के वर्तमान स्तर का भी आकलन करेगी. समिति डिजिटल भुगतान में तेजी लाकर अर्थव्यवस्था के डिजिटीकरण और वित्तीय समावेशन में तेजी लाने हेतु अपनाई जा सकने वाली विश्व भर की सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान करेगी. यह समिति डिजिटल भुगतान की सुरक्षा मजबूत करने के उपाय भी सुझाएगी.

9. भारत और सिंगापुर के बीच शुरू हुआ सिम्बेक्स-2019 समुद्री युद्ध अभ्यास

भारत और सिंगापुर के बीच सिम्बेक्स-2019 शुरू हो गया है. यह इस अभ्यास का 26वां संस्करण है. इस अभ्यास का आयोजन 16 मई से 22 मई  2019 के बीच किया जा रहा है. इस वार्षिक द्विपक्षीय अभ्‍यास की शुरुआत पारंपरिक पनडुब्‍बी रोधी अभ्‍यासों से हुई जो एडवांस्‍ड ए‍यर डिफेंस ऑपरेशन्‍स, एंटी हवाई/सतह लक्ष्‍यों पर अभ्‍यास गोलीबारी, सामरिक अभ्‍यास आदि तक पहुंच चुकी है.

सिम्‍बेक्‍स-19 का सामुद्रिक चरण दक्षिण चीन सागर में 19 मई से 22 मई 2019 तक निर्धारित है, जिसमें हवाई/सतह लक्ष्‍यों पर गोलीबारी, एडवांस्‍ड एरियल ट्रैकिंग, समन्वित लक्ष्‍य निर्धारण अभ्‍यास एवं हवाई/सतह परिदृश्‍यों पर सामरिक अभ्‍यास शामिल होंगे.

10. IAF ने ब्रह्मोस मिसाइल के हवा से सतह पर मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया

22 मई 2019 को भारतीय वायुसेना ने एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के वायु से सतह पर मार करने वाले संस्करण का सफलतापूर्वक प्रायोगिक परीक्षण किया. विमान से इस आयुध का समन्यवय करना एक बहुत ही कठिन प्रक्रिया थी, क्योंकि इसमें विमान में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सॉफ्टवेयर में बदलाव करने शामिल होते हैं. भारतीय वायुसेना के इंजीनियरों ने विमान के सॉफ्टवेयर का विकास किया जबकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इसमें मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक सुधार किये.

ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत-रूस का संयुक्त उपक्रम है. ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है. इसने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का निर्माण किया है जो पनडुब्बी, जहाज, विमान या सतह से मार कर सकता है.

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