टॉप कैबिनेट मंजूरी: 21 नवंबर 2019

टॉप कैबिनेट मंजूरी: 21 नवंबर 2019

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने औद्योगिक संबंध 2019 पर श्रम संहिता को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 नवंबर 2019 को औद्योगिक संबंध 2019 पर श्रम संहिता को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद कंपनियों को किसी भी अवधि में निश्चित अवधि के अनुबंध पर श्रमिकों को नियुक्त करने की अनुमति मिल गई है. संहिता ने छंटनी से पहले सरकार की मंजूरी हेतु कार्यकर्ता की संख्या 100 पर सीमा को बरकरार रखा है.

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि श्रमिकों को छह महीने या एक साल के लिए काम पर रखा जा सकता है. मजदूरी पर श्रम संहिता को अगस्त 2019 में संसद द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई थी, जबकि व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तों पर श्रम संहिता को श्रम की स्थायी समिति को संदर्भित किया गया था.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1.2 लाख टन प्याज आयात की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 20 नवंबर 2019 को 1.2 लाख टन प्याज के आयात की मंजूरी दे दी है. गौरतलब है कि मानसून सीजन के अंतिम में हुई भारी बारिश के वजह से प्याज की फसल को नुकसान होने से देश में प्याज के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है.

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने नवंबर 2019 में देश में प्याज की उपलब्धता बढ़ाकर इसकी कीमतों को काबू में रखने के उद्देश्य से एक लाख टन प्याज का आयात करने की घोषणा की थी.

कैबिनेट ने लेह में राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान के गठन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 नवंबर 2019 को लेह में स्वायत्त संगठन के तौर पर राष्ट्रीय सोवा-रिग्पा संस्थान के गठन को मंजूरी दे दी. सोवा-रिग्पा हिमालयी क्षेत्र में औषधि की पारंपरिक तिब्बती प्रणाली है. यह पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बहुत ही लोकप्रिय है.

मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयुष मंत्रालय के अंतर्गत 47.25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वायत्त निकाय नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सोवा-रिग्पा (एनआइएसआर) के गठन को मंजूरी दी.

सरकार ने एयरटेल-वोडाफोन-आइडिया और जियो को दी बड़ी राहत

कैबिनेट ने हाल ही में टेलिकॉम कंपनियों को राहत देते हुए उनके लिये स्पेक्ट्रम किस्त का भुगतान 2 साल हेतु टालने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. सरकार द्वारा उठाये गये इस कदम से वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी.

टेलीकॉम कंपनियों को साल 2020-21 और साल 2021-22 दो साल के लिए स्पेक्ट्रम किस्त भुगतान से छूट दी गई है. टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम के टले भुगतान पर लागू होने वाले ब्याज का भुगतान करना होगा. टेलीकॉम कंपनियों पर सरकार का एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है.

 

 

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