टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 03 जून 2019

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 03 जून 2019 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से - अजीत डोभाल और नई शिक्षा नीति का मसौदा आदि शामिल हैं.

अजीत डोभाल पुनः राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त, कैबिनेट रैंक दिया गया

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को केंद्र सरकार द्वारा पुनः राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है. इसके अतिरिक्त अजीत डोभाल को मोदी सरकार द्वारा कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया गया है. उनकी नियुक्ति अगले पांच वर्ष के लिए की गई है.

गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की वायुसेना की रणनीति को मूल रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमलीजामा पहनाया था. उन्होंने वायुसेना, नौसेना के शीर्ष अधिकारियों से रणनीति पर चर्चा करके इसे तैयार किया था.

3 से 7 जून तक वित्तीय साक्षरता सप्ताह मनाया जायेगा: आरबीआई

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 3 जून से 7 जून, 2019 को वित्तीय साक्षरता सप्ताह-2019 मनाये जाने की घोषणा की गई है. वर्ष-2019 के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक का विषय है - “किसान और वे किस प्रकार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से लाभान्वित हो रहे हैं.” इस सप्ताह के दौरान देश के किसानों को वित्तीय साक्षरता प्रदान की जायेगी तथा उन्हें विभिन्न वित्तीय पहलुओं से अवगत कराया जायेगा.

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा सभी बैंकों को अपनी ग्रामीण शाखाओं में वित्तीय साक्षरता से सम्बंधित पोस्टर व अन्य जानकारी युक्त सामग्री प्रदर्शित करने के लिए निर्देश दिए गये हैं. इसके अलावा दूरदर्शन तथा आल इंडिया रेडियो पर भी वित्तीय साक्षरता के बारे में प्रचार किया जाएगा.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नई शिक्षा नीति का मसौदा जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दूसरी बार सरकार बनाने के पहले दिन नई शिक्षा नीति का मसौदा पेश किया गया है. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट में कई नए प्रस्ताव रखे गये हैं. नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार करने के लिए मशहूर अंतरिक्ष विज्ञानी के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी.

इसके तहत शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के दायरे को विस्तृत करने का प्रयास किया गया है, साथ ही स्नातक पाठ्यक्रमों को भी संशोधित किया गया है. इस मसौदा नीति में लिबरल आर्ट्स साइंस एजुकेशन के चार वर्षीय कार्यक्रम को फिर से शुरू करने तथा कई कार्यक्रमों के हटाने के विकल्प के साथ-साथ एम. फिल. प्रोग्राम को रद्द करने का भी प्रस्ताव किया गया है.

UPSC IAS Prelims 2019: बदले पैटर्न ने हाल किया बदहाल, कटऑफ हो सकता है 100 के अन्दर

UPSC IAS Prelims 2019:  हाल ही में संपन्न हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विस की प्रारंभिक परीक्षा में करेंट अफेयर्स और इकॉनमी से ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे. प्रश्नों को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि इस बार सामान्य वर्ग का कटऑफ 100 के अंदर भी रह सकता है.

आईएएस की वार्षिक परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर-I और पेपर-II में सवाल मिले-जुले रहे. अधिकतर अभ्यर्थियों का कहना था कि वर्ष 2018 की तुलना में इस बार का प्रश्न पत्र कठिन था. पहले पेपर में अर्थशास्त्र से तो प्रश्न थे ही, राजव्यवस्था और इतिहास से भी काफी प्रश्न पूछे गए. दूसरे पेपर (CSAT) में रीज़निंग, गणित आदि से प्रश्न पूछे गए थे.

 

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