टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 22 नवंबर 2019

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 22 नवंबर 2019 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से-श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री और भारतीय महिला टीम आदि शामिल हैं.

महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री पद की ली शपथ

गोताबाया राजपक्षे ने 20 नवंबर 2019 को अपने बड़े भाई तथा पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया था. श्रीलंका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार है जब एक भाई प्रधानमंत्री और दूसरा भाई राष्ट्रपति होगा.

महिंदा राजपक्षे का जन्म 18 नवंबर 1945 को हुआ था. वे साल 2005 से साल 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे हैं. वे 24 साल की आयु में सबसे युवा सांसद बने थे. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिंदा राजपक्षे को श्रीलंका का प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी हैं.

India women vs West Indies Women: भारतीय महिला टीम ने टी-20 श्रृंखला में 5-0 से दी मात

भारत ने इस मैच को 61 रन से जीतकर वेस्टइंडीज को पांच मैच की टी-20 श्रृंखला में 5-0 से हरा दिया. भारतीय महिला टीम के खिलाड़ी वेदा कृष्णामूर्ति ने नाबाद 57 रन और जेमिमा रौद्रिगेज ने 50 रन बनाए. भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 134 रन बनाए.

वेस्टइंडीज की महिला टीम 20 ओवर में सात विकेट पर मात्र 73 रन ही बना सकी. स्मृति मंधाना का जन्म मुंबई में हुआ था. वे एक भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी है. स्मृति मंधाना की मां का नाम स्मिता मंधाना और पिता का नाम श्रीनिवास मंधाना है.

यूपी विधि आयोग ने की सिफारिश, धर्मांतरण रोकने हेतु बनेगा कठोर कानून

यूपी विधि आयोग ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर कठोर कानून बनाने एवं कड़ी सजा की सिफारिश की है. सिफारिशों के मुताबिक, यदि कोई धर्म परिवर्तन के लिए शादी कर रहा है, तो उसे सात साल की जेल हो सकती है.

आयोग का मानना है कि वर्तमान कानून धर्म परिवर्तन को रोकने में पर्याप्त नहीं है, इसलिए उत्तर प्रदेश में नया कानून बनाया जाना चाहिए. आयोग के मुताबिक, इस कानून के दायरे में छल-कपट, लालच, पैसे देकर धर्म परिवर्तन के लिए किए गए विवाह भी आएंगे.

Arundhati scheme: असम सरकार प्रत्येक दुल्हन को 10 ग्राम सोना देगी

असम सरकार के अनुसार, यह उपहार उन सभी दुल्हन को मिलेगा, जिसने कम से कम 10वीं कक्षा की पढ़ाई की है और अपनी शादी को पंजीकृत कराया है. इस योजना से राज्य सरकार को सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 800 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा. यह योजना 01 जनवरी 2020 से शुरू होगी.

असम में प्रत्येक साल करीब तीन लाख विवाह होते हैं, लेकिन केवल 50,000-60,000 ही विवाह पंजीकृत होती हैं. असम राज्य के किसी भी परिवार को इस योजना का लाभ पाने के लिए शादी को स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के अंतर्गत रजिस्टर कराना होगा.

 

 

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