टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 27 मई 2020

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 27 मई 2020 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से चारधाम परियोजना और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.

जानें कौन हैं मेजर सुमन गवनी जिन्हें यूएन सैन्य जेंडर एडवोकेट अवॉर्डसे सम्मानित किया जायेगा

सुमन गवनी के साथ ब्राजील सेना की एक कमांडर कर्ला मोंटेइरो डे कास्त्रो अराउजो को भी जेंडर ऐडवोकेट ऑफ द ईयर से सम्मानित किया जाएगा. इस अवॉर्ड के लिए नामों का घोषणा करते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने दोनों महिलाओं को 'प्रभावशाली आदर्श’ बताया है.

मेजर सुमन गवनी और ब्राजील की नौसेना अधिकारी कमांडर कर्ला मोंटेइरो डे’ कास्त्रो अराउजो को संयुक्त राष्ट्र शांतिदूत अंतरराष्ट्रीय दिवस के दिन 29 मई 2020 को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा. इन दोनों महिलाओं को एक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिये सम्मानित किया जायेगा.

 

चारधाम परियोजना: सभी मौसम में चारो धाम पहुंचना जल्द होगा आसान

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऋषिकेश- धरासू रोड पर व्यस्त चम्‍बा कस्बे के नीचे 440 मीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तारीफ की और इसे महामारी के दौरान राष्ट्र-निर्माण की दिशा में एक ‘असाधारण उपलब्धि' करार दिया.

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इस सुरंग से यातायात की गति को सुचार बनाने, भीड़भाड़ कम करने और चम्‍बा शहर तक पहुंच को बेहतर बनाने के साथ ही चारधाम यात्रा के लिए आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक समृद्धि लाने में मदद मिलेगी.

 

कोविड-19 के कारण भारत में छाई आजादी के बाद सबसे गंभीर आर्थिक मंदी: क्रिसिल

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि आजादी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. एजेंसी का कहना है कि आजादी के बाद इससे पहले तीन बार अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आई थी. लेकिन कोरोना वायरस (कोविड-19) की वजह से लॉकडाउन ने सबसे ज्यादा भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका दिया है.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मानना है कि पिछले 69 सालों के आंकड़ों को देखें तो देश में केवल तीन बार साल 1958, साल 1966 और साल 1980 में मंदी आई थी. इन तीनों मंदी की एक ही वजह मानसून का साथ नहीं देना था. खराब मानसून के कारण से खेती पर काफी बुरा असर पड़ा था और अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ था.

 

नासा ने WFIRST हबल टेलीस्कोप का नाम बदलकर खगोल विज्ञानी नैन्सी ग्रेस रोमन रखा

नासा की पहली प्रमुख खगोल विज्ञानी नैन्सी ग्रेस रोमन ने व्यापक ब्रह्मांड में खोज करने के लिए अंतरिक्ष दूरबीनों का मार्ग प्रशस्त किया था. उन्हें हबल स्पेस टेलीस्कोप की माता अर्थात जननी के तौर पर भी जाना  जाता है, जिसे 30 साल पहले लॉन्च किया गया था.

नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेनस्टाइन ने कहा कि यह नैन्सी ग्रेस रोमन के नेतृत्व और दृष्टि के कारण ही संभव हो सका कि नासा एस्ट्रोफिजिक्स (खगोल भौतिकी) में अग्रणी बन गया और दुनिया की सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन हबल को लॉन्च किया.

 

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