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ट्राई द्वारा दूरसंचार कंपनियों के लिए नए नियमों की घोषणा

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 19 जुलाई 2018 को फर्जी कॉल्स और मैसेज पर लगाम लगाने हेतु नए नियमों की घोषणा की है.

                    उद्देश्य:

नए नियम का उद्देश्य यूजर्स को स्पैम से हो रही परेशानी को प्रभावी रूप से रोकना है.

 

नए नियम:

  • नए नियमों के मुताबिक, किसी भी तरह के अनचाहे मैसेज भेजने से पहले यूजर की सहमति अनिवार्य कर दी है.
  • ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी तरह की कमर्शियल कम्युनिकेशन केवल रजिस्टर्ड सेंडर्स के हिसाब से ही होना चाहिए.
  • ट्राई द्वारा सुझाए गए नए नियमों के मुताबिक, अब उपभोक्ताओं का अपनी मंजूरी पर पूरा नियंत्रण होगा. उनके पास पहले दी गई मंजूरी को वापस लेने का भी विकल्प होगा.
  • ट्राई के अनुसार कुछ टेली मार्केटिंग कंपनियां इस आधार पर ग्राहकों की मंजूरी का दावा करती हैं, जो उन्होंने चोरी छिपे तरीके से हासिल की होती हैं.
  • नए नियमों के तहत मेसेज सेंडर्स, हेडर्स के रजिस्ट्रेशन और सब्सक्राइबर्स की सहमति को अनिवार्य किया गया है.
  • नया नियम सब्सक्राइबर्स को सहमति पर पूर्ण नियंत्रण देता है और यूजर पहले दी गई सहमति को वापस भी ले सकता है.

नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान:

नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. उल्लंघन की श्रेणी के मुताबिक 1,000 रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक का जुर्मना लगाया जा सकता है.

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई):

  • भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) भारत में दूरसंचार पर नियंत्रण हेतु एक स्वायत्त नियामक प्राधिकरण है.
  • इसका गठन वर्ष 1997 में भारत सरकार द्वारा किया गया था.
  • भारत का दूर संचार नेटवर्क एशिया की उभरती अर्थ व्‍यवस्‍थाओं में दूसरा सबसे और विश्‍व का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है.
  • प्राधिकरण का उद्देश्य है एक ऐसा उचित और पारदर्शी परिवेश उपलब्ध कराना, जो समान अवसरों के लिए प्रोत्साहित करें. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है.
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