अमेरिका में टिकटॉक पर शिकंजा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेन-देन पर लगाया बैन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी कंपनी टिकटॉक और मैसेंजर ऐप वीचैट को बैन करने का आदेश दे दिया है. भारत के बाद अब अमेरिका भी चीनी ऐप टिकटॉक पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक को अमेरिका से बाहर जाने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. माना जा रहा है कि 15 सितंबर के बाद टिकटॉक अमेरिका से भी बाहर हो जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक को बैन करने की दिशा में कदम उठाते हुए कंपनी के सभी लेन-देन पर रोक लगा दिया है.

भारत ने भी इन ऐप्स को बैन किया

बता दें कि कुछ ही समय पहले भारत ने भी डेटा चोरी का हवाला देकर चीनी ऐप्स को अपने यहां बैन कर दिया था. भारत ने भी राष्ट्रीय सुर​क्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देकर पहले 59 व बाद में और 47 चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश में कहा गया कि इन ऐप्स से उपयोगकर्ताओं से बड़ी संख्या में जानकारी ली जा रही है और ये जोखिम वास्तविक हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीनी कंपनियों के स्वामित्व वाले और उनके द्वारा विकसित मोबाइल ऐप्स का अमेरिका में फैलाव से राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी नीति और अमेरिकी इकोनॉमी को खतरा बना हुआ है. ऐसे में एक आदेश टिकटॉ पर अलग से प्रतिबंध लगाने को लेकर है.

टिकटॉक वीडियो शेयरिंग ऐप का स्वामित्व चीन की कंपनी बाइटडांस लिमिटेड के पास है. ट्रम्प ने कहा कि यह ऐप अपने आप यूजर्स की बड़े पैमाने पर सूचना कलेक्ट करता है. इस डेटा की मदद से चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिकियों की व्यक्तिगत व प्रोपराइटरी इनफॉरमेशन को एक्सेस कर सकती है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वीचैट के पूरी दुनिया में 1 अरब से ज्यादा यूजर हैं, जिनमें अमेरिकी यूजर भी शामिल हैं. टिकटॉक की तरह वीचैट भी ऑटोमेटिक तरीके से यूजर की सूचना कलेक्ट करता है.

आदेश पर हस्ताक्षर

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने चीनी ऐप टिकटॉक और वीचैट को 45 दिन के अंदर बैन किए जाने के आदेश पर हस्‍ताक्षर कर दिए. बैन के आदेश पर हस्‍ताक्षर के बाद राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह बैन जरूरी है क्‍योंकि 'अविश्‍वसनीय' ऐप जैसे टिकटॉक से डेटा का इकट्ठा किया जाना देश की राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है.

टिकटॉक ने ये घोषणा की थी

टिकटॉक ने कहा है कि वह यूरोप में अपना पहला डेटा सेंटर आयरलैंड में खोलेगा, जिसकी लागत 498 मिलियन डॉलर है. टिकटॉक को उम्‍मीद है कि यह केन्‍द्र (Data Center) साल 2022 तक शुरू हो जाएगा.

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