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संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक सतत शहर-2025 कार्यक्रम हेतु नोएडा को चयनित किया

संयुक्त राष्ट्र ने 25 नवंबर 2018 को उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा का चयन वैश्विक सतत शहर 2025 पहल में हिस्सा लेने के लिए किया. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर जिले के शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा का चयन ‘यूनिवर्सिटी सिटी’’ श्रेणी में भारत से एकमात्र स्थान के तौर पर आमंत्रित किया गया है.

इस संबंध में गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी नरायण सिंह को औपचारिक आमंत्रण सौंपा गया. इस दौरान एसडीजी पहल के प्रधान सलाहकार, भारत, शुभ्रो सेन भी मौजूद थे.

वैश्विक सतत शहरों के निर्माण हेतु सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सतत विकास लक्ष्य-2030 कार्यक्रम को अपनाया था. इसमें 17 लक्ष्य निर्धारित किये गये थे जिन्हें वैश्विक लक्ष्यों के नाम से जाना जाता है. इन लक्ष्यों का उद्देश्य गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति तथा सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देना था.

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (Global Development Goals)

1. गरीबी के सभी रूपों की पूरे विश्व से समाप्ति

2. भूख की समाप्ति, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा

3. सभी आयु के लोगों में स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा

4. समावेशी और न्यायसंगत गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही सभी को सीखने का अवसर देना

5. लैंगिक समानता प्राप्त करने के साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सशक्त करना

6. सभी के लिए स्वच्छता और पानी के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना

7. सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना.

8. सभी के लिए निरंतर समावेशी और सतत आर्थिक विकास, पूर्ण और उत्पादक रोजगार, और बेहतर कार्य को बढ़ावा देना

9. लचीले बुनियादी ढांचे, समावेशी और सतत औद्योगीकरण को बढ़ावा

10. देशों के बीच और भीतर असमानता को कम करना

11. सुरक्षित, लचीले और टिकाऊ शहर और मानव बस्तियों का निर्माण

12. स्थायी खपत और उत्पादन पैटर्न को सुनिश्चित करना

13. जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करना

14. स्थायी सतत विकास के लिए महासागरों, समुद्र और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग

15. सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाले स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों, सुरक्षित जंगलों, भूमि क्षरण और जैव विविधता के बढ़ते नुकसान को रोकने का प्रयास करना

16. सतत विकास के लिए शांतिपूर्ण और समावेशी समितियों को बढ़ावा देने के साथ ही सभी स्तरों पर इन्हें प्रभावी, जवाबदेही बनना ताकि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित हो सके

17. सतत विकास के लिए वैश्विक भागीदारी को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्ति कार्यान्वयन के साधनों को मजबूत बनाना


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