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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम,1989 को लागू करने की मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने 21 अक्टूबर 2020 को जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम 1989 को लागू करने की मंजूरी दी है. इस कदम से जम्‍मू-कश्‍मीर में देश के अन्य हिस्सों की तरह तीन स्तरीय लोकतंत्र की स्थापना में मदद मिलेगी.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे देश के अन्य हिस्सों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के तीनों स्तरों को स्थापित करने में मदद मिलेगी.

पंचायती राज कानून में संशोधन

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में विधायकों की गैर मौजूदगी में स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए पंचायती राज कानून में संशोधन किया है.

कुछ सीटें एससी, एसटी और महिलाओं के लिए आरक्षित

इस संशोधन के तहत हर जिले में विकास कार्य करने के लिए नया ढांचा बनाया जाएगा और इसे सीधे मतदाताओं द्वारा चुना जाएगा. जिला विकास परिषद (डीडीसी) में 14 क्षेत्र होंगे और सभी में एक प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्य होगा. कुछ सीटें एससी, एसटी और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.

Union Cabinet approves adaptation of the Jammu & Kashmir Panchayati Raj Act, 1989. This move will help establish all the three tiers of grass-root level democracy like in other parts of the country: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/D09xOwUxCg

— ANI (@ANI) October 21, 2020

जम्मू कश्मीर पंचायती राज कानून

जम्मू कश्मीर पंचायती राज कानून, 1989 में संशोधन के लिए केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले के एक साल बाद आदेश जारी किया था. इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया की भी घोषणा की थी. परिसीमन आयोग की स्थापना मार्च में की गई थी और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना देसाई को इसका प्रमुख बनाया गया था.

चुनाव होने के बाद जिले के विधायक भी इसके सदस्य

मंत्रालय के अनुसार, ताजा फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि प्रत्येक क्षेत्र में लोगों की और अधिक भागीदारी के साथ विकास हो. जो काम पहले विधानसभा के निर्वाचित प्रतिनिधि करते थे. आदेश के मुताबिक, प्रत्येक डीडीसी में क्षेत्रीय विधानसभा से सीधे तौर पर निर्वाचित सदस्यों को शामिल किया जाएगा. चुनाव होने के बाद जिले के विधायक भी इसके सदस्य होंगे.

सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने क्या कहा?

सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद भारत के अनेक जन कल्याण के कानून वहां लागू होना शुरु हो गए हैं. पिछले सप्ताह ही त्रिस्तरीय पंचायत समिति का जो कानून पूरे देश में है, वह जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गया.

12 लाख टन सेब के खरीद पर मंजूरी

केंद्र सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत साल 2020-21 के लिए जम्मू-कश्मीर में सेब की खरीद का फैसला किया है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. नेफेड राज्य एजेंसियों के सहयोग से सेब की खरीद करेगा. सेब की कीमत का हस्तान्तरण सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा. मंत्रिमंडल ने चालू वर्ष में राज्‍य से 12 लाख टन सेब के खरीद को मंजूरी दी है.

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