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मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन रखा गया

उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मुगलसराय रेलवे जंक्शन का नाम परिवर्तित करके 05 अगस्त 2018 को दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन रेलवे स्टेशन रख दिया गया है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रेलवे स्टेशन के नये नाम का उद्घाटन किया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ही मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने का सुझाव केंद्र सरकार के पास भेजा था. गृह विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद राज्यपाल राम नाईक ने नाम बदलने की अनुमति प्रदान की. राज्यपाल का आदेश आने के बाद प्लेटफॉर्म से मुगलसराय का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन करना शुरू कर दिया गया था. इस रेल जंक्शन पर प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक सवारी गाड़ियों का आवागमन होता है.

अन्य घोषणाएं

•    इस अवसर पर पूर्ण रूप से महिलाओं द्वारा संचालित एक मालगाड़ी रवाना की गई. भारत में पहली बार पूर्ण रूस से महिलाओं द्वारा माल गाड़ी चलाई गई है.

•    राज्य सरकार ने मुगलसराय स्टेशन पर स्मार्ट यार्ड परियोजना का भी शुभारंभ किया.

•    द्विसाप्ताहिक एकात्माता एक्सप्रेस का भी आरंभ किया गया. यह ट्रेन लखनऊ से दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन को आपस में जोड़ती है.

मुगलसराय जंक्शन का इतिहास

ब्रिटिश शासनकाल में कोलकाता से नई दिल्ली माल ढुलाई के लिए 1862 में हावड़ा से दिल्ली जाने के लिए रेलवे लाइन का विस्तार किया. वर्ष 1880 में मुगलसराय रेलवे स्टेशन भवन का निर्माण किया गया. इसके बाद मुगलसराय स्टेशन का नाम प्रचलन में आ गया.

वर्ष 1978 में मुगलसराय स्टेशन पूर्व रेलवे का मंडलीय मुख्यालय बना. मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम एशिया में यार्ड से मशहूर है. यह एकमात्र एशिया का यार्ड साढ़े 12 किमी में फैला है. यार्ड में 250 किमी रेलवे लाइन का जाल बनाया गया है. यार्ड में 10 ब्लॉक केबिन व 11 यार्ड केबिन हैं. वहीं 19वीं शताब्दी में विद्युत लोको शेड की स्थापना की गई. इसमें हावड़ा से दिल्ली तक गया होते हुए ट्रेनों का संचालन होता है.

 

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