जानिए INF संधि क्या है और अमेरिका क्यों इससे अलग हुआ?

इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज़ (आईएनएफ) को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 02 फरवरी 2019 को स्थगित कर दिया. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संधि से अलग होने और इसे स्थगित करने की घोषणा की थी. अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी थी कि यदि रूस इस संधि का उलंघन जारी रखता है तो अगले 6 महीने के भीतर ही अमेरिका इस संधि से बाहर निकल सकता है.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रशासन कि ओर से रूस को एक औपचारिक नोटिस भेजा जायेगा कि यदि वह इस संधि का पालन नहीं करेगा तो अमेरिका इस संधि को खत्म करके इससे बाहर निकल जायेगा. इसके बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ एक टीवी प्रसारण के माध्यम से लोगों को बताया कि अमेरिका इस संधि का खत्म करना चाहता है लेकिन इससे पहले हम ही इस संधि को खत्म करते हैं.

आईएनएफ (INF) से जुड़ा घटनाक्रम

•    अमेरिका ने आईएनएफ से खुद को अलग करने और अपने दायित्वों को खत्म करने की घोषणा कर दी है. इसके तहत यह निर्णय 2 फरवरी, 2019 से प्रभावी होगा और अगले छह महीने में वह संधि से हट जाएगा.

•    अमेरिका रूस और संधि में शामिल अन्य दलों को एक औपचारिक रूप से नोटिस देगा कि वह संधि के अनुच्छेद XV के तहत अलग हो रहा है.

•    अनुच्छेद XV अलग होने से पहले छह महीने की नोटिस अवधि को अनिवार्य करता है.

•    हालाँकि अमेरिका का यह भी कहना है कि यदि रूस आईएनएफ संधि का उल्लंघन करने वाली मिसाइलों, मिसाइल लॉन्चर और संबंधित उपकरणों को नष्ट कर दे तो संधि को छह महीने की नोटिस अवधि के दौरान बचाया भी जा सकता है.

•    अमेरिका के इस बयान के बाद रूस से तुरंत एक्शन लिया और स्वयं को संधि से अलग कर लिया और संधि को स्थगित कर दिया है.

 

आईएनएफ (INF) संधि क्या है?

  • यह संधि वर्ष 1987 में तत्कालीन सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव और अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा की गई थी.
  • इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज़ (आईएनएफ) एक ऐसा समूह है जो जमीन से मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइलों के परीक्षण और तैनाती को रोकता है. इन मिसाइलों की रेंज 500 से 5500 किलोमीटर तक होती है.
  • इस संधि पर दोनों देशों ने शीतयुद्ध की समाप्ति पर हस्ताक्षर किये थे. दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद 1945 से 1989 के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शत्रुतापूर्ण संबंधों के कारण पूरी दुनिया में युद्ध की आशंका गहरा गई थी.
  • इस संधि के तहत 1991 तक क़रीब 2,700 मिसाइलों को नष्ट किया जा चुका है. दोनों देश एक-दूसरे की मिसाइलों के परीक्षण और तैनाती पर नज़र रखने की अनुमति देते हैं.
  • 2007 में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि इस संधि से उनके हितों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. रूस की यह टिप्पणी 2002 में अमेरिका के एंटी बैलिस्टिक मिसाइल संधि से बाहर होने के बाद आई थी.



टिप्पणी

शीतयुद्ध के दौरान हुए आईएनएफ संधि का ऐतिहासिक नतीजा सामने आया था. इसके तहत 2,700 मिसाइलों के साथ ही उनके लॉन्चर भी नष्ट कर दिये गए थे. इससे अमेरिका-सोवियत संघ के संबंधों को प्रोत्साहन मिला था. अब इस संधि के समाप्त होने से रूस और अमेरिका के संबधों में सैन्य मधुरता आने में अधिक वक्त लग सकता है. दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को सुधारने के लिए विश्व को कोई नया विकल्प तलाशना होगा.

 

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