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अमेरिका ने विश्व के सबसे बड़े नौवहन सैन्याभ्यास से चीन को अलग किया

अमेरिका ने 23 मई 2018 को दक्षिण चीन सागर में चीन के लगातार सैन्यीकरण के कारण प्रशांत महासागर में होने वाले दुनिया के सबसे बड़े नौवहन सैन्याभ्यास 'रिमपैक' के लिए दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है.

इस सैन्याभ्यास में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और ब्रिटेन सहित दुनिया भर के 20 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं. यह सैन्याभ्यास अगले महीने होना है.

सैन्याभ्यास से चीन को अलग क्यों किया गया?

  • चीन का रुख आरआईएमपीएसी सैन्य अभ्यास के सिद्धांतों और उद्देश्यों के विरुद्ध है और इसलिए चीन की नौसेना को 2018 के रिम ऑफ द पैसिफिक (आरआईएमपीएसी) सैन्याभ्यास से बाहर कर दिया गया है.
  • चीन ने दक्षिण चीन सागर के स्प्रैटली द्वीप समूह में युद्ध के उद्देश्य से जहाज रोधी मिसाइलों, सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल (एसएएम) प्रणाली तथा इलेक्टॉनिक जैमरों को तैनात किया है.
  • दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता पैदा करने वाले चीन के बर्ताव का हवाला देकर अमेरिका ने उसे दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है. विवादित क्षेत्र के वूडी द्वीप पर बमवर्षक विमान उतारकर चीन ने तनाव को और बढ़ा दिया है. इस वजह से सैन्याभ्यास से चीन को अलग कर दिया गया है.

चीन का दावा

चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है. जबकि इस दावे का वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान विरोध करते हैं. चीन विवादित क्षेत्र में कई द्वीपों पर सैन्य साजो-सामान की तैनाती कर चुका है. इस क्षेत्र में उसने कई कृत्रिम द्वीप भी बना लिए हैं.

 

रिमपैक

रिमपैक (आरआईएमपीएसी) दुनिया में नौसेनाओं का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास है. इसे हर दो वर्ष के अंतराल पर आयोजित किया जाता हैं. इस अभ्यास को पश्चिमी प्रशांत महासागर में होनोलुलु क्षेत्र में आयोजित किया जाता है. इसका आयोजन तथा प्रशासन अमेरिकी नौसेना के प्रशांत बेड़े द्वारा किया जाता है.

भारतीय नौसेना को वर्ष 2016 में इसके 25वें संस्करण में पहली बार आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया था.

यह भी पढ़ें: भारत और नेपाल का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सूर्य किरण-XIII’ आरंभ

 
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