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यूपी कैबिनेट का फैसला, मदरसों में लागू होगा NCERT पाठ्यक्रम

उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने 22 मई 2018 को मदरसा शिक्षा में बदलाव को मंजूरी दी है. इसके तहत अब मदरसों में दीनी तालीम के साथ ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम भी लागू होगा.

अब मदरसे के बच्‍चे उर्दू के साथ-साथ हिंदी, विज्ञान, अंग्रेजी, गणित आदि की भी पढ़ाई कर सकेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी.

 

फैसले से संबंधित मुख्य तथ्य:

  • सरकार ने मदरसों के बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दीनी-तालीम के साथ-साथ विषयवार और कक्षावार एनसीईआरटी की किताबें पाठ्यक्रम में शामिल करने और उर्दू के साथ हिंदी तथा अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाई का प्रस्ताव किया है.
  • मदरसों में दीनी तालीम के अलावा गणित, विज्ञान, अग्रेजी, कंप्यूटर और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की पहले पढ़ाई नहीं होती है.
  • सरकार ने मदरसा बोर्ड की शिक्षा को बेहतर करने के लिए एनसीईआरटी की किताबों को शामिल करने का फैसला लिया है.

 

शिक्षा का स्तर बेहतर:

मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ाए जाने से छात्रों की शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और वह मुख्यधारा में आ सकेंगे.

नियमावली 2016 में संशोधन:

उत्तर प्रदेश अशासकीय अरबी फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन और सेवा नियमावली 2016 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. ये संशोधन प्रस्ताव राज्य मदरसा बोर्ड ने दिया था.

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                    राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के बारे में

  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है. यह परिषद भारत में स्कूली शिक्षा संबंधी सभी नीतियों पर कार्य करती है. इसका मुख्य कार्य शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्रालय को विशेषकर स्कूली शिक्षा के संबंध में सलाह देने और नीति-निर्धारण में मदद करने का है.
  • इसके अतिरिक्त एनसीईआरटी के अन्य कार्य हैं शिक्षा के समूचे क्षेत्र में शोधकार्य को सहयोग और प्रोत्साहित करना, उच्च शिक्षा में प्रशिक्षण को सहयोग देना, स्कूलों में शिक्षा पद्धति में लाए गए बदलाव और विकास को लागू करना.
  • राज्य सरकारों और अन्य शैक्षणिक संगठनों को स्कूली शिक्षा संबंधी सलाह आदि देना और अपने कार्य हेतु प्रकाशन सामग्री और अन्य वस्तुओं के प्रचार की दिशा में कार्य करना. इसी तरह भारत में शिक्षा से जुड़े लगभग हरेक कार्य में एनसीईआरटी की उपस्थिति किसी न किसी रूप में रहती है.

 

पृष्ठभूमि:

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड ने पारंपरिक शिक्षा पद्धति को बदलते हुए मदरसों को आधुनिक बनाने की दिशा में प्रयास किया है. इससे मदरसों की शिक्षा में सुधार होगा. बच्चों में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम के लिए यह पहल जरूरी थी. मदरसों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए वेबसाइट भी बनायी जाएगी.

 

                                 यूपी कैबिनेट द्वारा अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

  • एटा-मीरजापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध कराने को मंजूरी
  • संस्कृति स्कूल की मान्यता के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी
  • पीएनजी के लिए भूमिगत पाइप बिछाने की नीति मंजूरी
  • अयोध्या में 220 केवी का ट्रांसमिशन उपकेंद्र बनाने को मंजूरी
  • ग्रामीण क्षेत्रों में राशन दुकान पर ई पॉल मशीनें लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी
  • हरिद्वार में यूपी पर्यटन विभाग बनाएगा 100 कमरों का होटल
  • पाठ्य पुस्तक प्रकाशन के ठेकेदारों को 25 लाख रुपये के बिल पर 75% भुगतान करने को मंजूरी
  • यूपी उप निरीक्षक और निरीक्षक नागरिक पुलिस सेवा नियमावली में चतुर्थ संशोधन को मंजूरी
 
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