विश्व एड्स दिवस 2018 विश्वभर में मनाया गया

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 01 दिसंबर 2018 को विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) मनाया गया. इस अवसर पर प्रत्येक देश में जागरुकता कार्यक्रम, चर्चा एवं गोष्ठियां आयोजित की गयीं. यह दिन इस जानलेवा रोग के बारे में जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करता है और एचआईवी तथा एड्स की रोकथाम, उपचार और देखभाल को बढ़ावा देता है.

सरकार और स्वास्थ्य अधिकारी, ग़ैर सरकारी संगठन और दुनिया भर में लोग अक्सर एड्स की रोकथाम और नियंत्रण पर शिक्षा के साथ, इस दिन का निरीक्षण करते हैं. विश्व एड्स दिवस के हिस्से के तौर पर, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने यह कहते हुए कि 15 वर्ष के बच्चों के बीच संक्रमण को रोकना अधिक जरूरी है अधिक निवेश एवं बच्चों तक उपचार की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया.

साल 2018 का थीम:

इस वर्ष का विषय था: 'अपनी स्थिति जानें'. इसका मतलब यह है कि हर इंसान को अपने एचआईवी स्टेटस की जानकारी होनी चाहिए. एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है.

उद्देश्य:

विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य एड्स रोग के बारे में जागरूकता फैलाना है. इसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार की वजह से एड्स महामारी के प्रति जागरूकता बढाना, और इस बीमारी से जिसकी मौत हो गई है उनका शोक मनना है.

यूनिसेफ की रिपोर्ट

यूनिसेफ (UNICEF) की रिपोर्ट के मुताबिक 36.9 मिलियन लोग एचआईवी (HIV) के शिकार हो चुके हैं. भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आकड़ों के अनुसार भारत में एचआईवी के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन है. इस आंकडे के साथ पूरी दुनिया में पाए जाने वाले मरीजों वाले देशों में इसका तीसरा नबंर है.

विश्व एड्स दिवस के बारे में:

•    विश्व एड्स दिवस का विचार वर्ष 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन में कार्यरत ग्लोबल प्रोग्राम ऑन एड्स के सूचना अधिकारियों जेम्स बन तथा थॉमस नीटर का था.

•    विश्व एड्स दिवस, 1988 के बाद से 1 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है.

•    एचआईवी और एड्स का इतिहास वर्ष 1981 में अमेरिका में शुरु हुआ जब देश में यह नई बीमारी कुछ समलैंगिक पुरुषों में पाई गई.

•    हालांकि मूल रूप से यह स्वीकार किया गया है कि एचआईवी का मूल अफ्रीका में है तथा अमेरिका पहला देश था जिसने इस वायरस के बारे में लोगों को बताया.

•    पहला विश्व एड्स दिवस वर्ष 1988 में आयोजित किया गया था और वह पहला वैश्विक स्वास्थ्य दिवस था.

•    विश्व एड्स दिवस पूरी विश्व के लोगों को एचआईवी के विरुद्ध जंग में एकजुट होने का अवसर प्रदान करने, एचआईवी संक्रमित लोगों को अपना समर्थन दर्शाने तथा इस बीमारी से मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 01 दिसंबर को मनाया जाता हैं.

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