विश्व पर्यावरण दिवस विश्व भर में मनाया गया

5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस

विश्व भर में 5 जून 2018 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया. प्रत्येक विश्व पर्यावरण दिवस पर पृथक आयोजक देश का चयन होता है जहां आधिकारिक समारोह का आयोजन किया जाता है. विश्व पर्यावरण दिवस 2018 की वैश्विक मेजबानी भारत को प्राप्त हुई है. पहला विश्व पर्यावरण दिवस5 जून 1974 को मनाया गया था.

                                                   विश्व पर्यावरण दिवस के थीम और उद्देश्य

प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विषय का चयन किया जाता है जिसके अनुरूप ही सभी देशों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. विश्‍व पर्यावरण दिवस 2018 का थीम- ‘बीट प्‍लास्टिक पोल्‍यूशन’ यानी प्‍लास्टिक से होने वाले कचरे को समाप्‍त करना.

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरुक करना तथा पर्यावरण के लिए कार्य करना है.

 

प्लास्टिक के कारण होने वाले प्रदूषण:

इस साल आयोजन की थीम प्लास्टिक के कारण होने वाले प्रदूषण से मुक्ति का संकल्प लेना है. पैकेजिंग उद्योग सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा उत्पादित करते हैं. इनमें बोतल, कैप, खाने के पैकेट, प्लास्टिक बैग आदि शामिल हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार समुद्र को प्रदूषित करने वाले शीर्ष पांच प्रदूषकों में चार दूषित तत्व पैकेंजिंग उद्योग से निकलने वाले प्लास्टिक उत्पाद हैं. भारत में 24,940 टन प्लास्टिक कचरा प्रतिदिन निकलता है. इसमें 60 प्रतिशत कचरे का ही निस्तारण हो पाता है. शेष 40 प्रतिशत कचरे का निस्तारण पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन गया है.

 

विश्व पर्यावरण दिवस से संबंधित मुख्य तथ्य:

विश्वभर के ग्रामीण परिवेश में रह रहे लोग प्रत्येक दिन पर्यावरण के साथ रहते हुए व्यतीत करते हैं. प्राकृतिक जल आपूर्ति पर उनकी पूरी निर्भरता तथा पर्यावरण द्वारा उन्हें प्रदान की गई उपजाऊ मृदा उन्हें विशेष बनाती है. यह वही लोग हैं जो जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण एवं अत्यधिक दोहन से सबसे पहले प्रभावित होते हैं.

इस दिन पूरी दुनिया में सबसे अधिक वृक्षारोपण होता है

आज के समय में जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, तापीय प्रदूषण, विकरणीय प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, समुद्रीय प्रदूषण, प्रदूषित नदियां,  जलवायु बदलाव, और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसी हालत में हमें इतिहास की चेतावनी ही पर्यावरण दिवस का संदेश देती है.

 

विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास:

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में मानव पर्यावरण विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था. इसी चर्चा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस का सुझाव भी दिया गया और इसके दो साल बाद, 5 जून 1974 से इसे मनाना भी शुरू कर दिया गया. वर्ष 1987 में इसके केंद्र को बदलते रहने का सुझाव सामने आया और उसके बाद से ही इसके आयोजन के लिए अलग - अलग देशों को चुना जाता है. इसमें प्रत्येक साल 143 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं और इसमें कई सरकारी, सामाजिक और व्यावसायिक लोग पर्यावरण की सुरक्षा, समस्या आदि विषय पर बात करते हैं.

 

विश्‍व पर्यावरण दिवस पर भारतीय नौसेना:

भारतीय नौसेना विश्‍व पर्यावरण दिवस पर अपने हरित पहल कार्यक्रमों के चार वर्ष पूरा कर रही है. भारतीय नौसेना ने पर्यावरण हितैषी और ऊर्जा दक्ष प्रणाली की दिशा में कई नीतियां बनाकर लागू की है. इसके परिणामस्‍वरूप सभी नौसैनिक अड्डों पर बेहतर परिणाम हासिल हुये हैं. नौसेना ने ‘भारतीय नौसेना पर्यावरण संरक्षण रोड़मैप’ को अपनाया है,  जिसके तहत नौसेना अपनी समुद्री क्षमताओं में पर्यावरण को ध्‍यान रखते हुए वृद्धि कर रही है.

नौसेना ने 16,000 की संख्‍या में वृक्षारोपण किया है, जिससे अनुमानित तौर पर 324 टन कार्बन डाई ऑक्‍साइड कम होगी. नौसैनिक अड्डो पर ऊर्जा की खपत कम हो, इसके लिए समय-समय पर ऑडिट की जा रही है.

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