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विश्व राइनो दिवस 2021: आज असम में जलाए जायेंगे 2,479 राइनो सींग, जानिये इसका कारण यहां

Anjali Thakur

असम में आज 22 सितंबर, 2021 को विश्व राइनो दिवस, 2021 के अवसर पर, असम में बोकाखत क्षेत्र में एक अद्वितीय दाह-संस्कार समारोह में 2,479 राइनो सींग जलाए जायेंगे. असम सरकार ने 16 सितंबर को घोषणा की थी कि राज्य के खजाने में स्टॉक के तौर पर जमा 2,623 राइनो हॉर्न्स में से 2,479 राइनो हॉर्न्स/ सींगों को छह विशाल गैस भट्टियों में सार्वजनिक तौर पर जला दिया जाएगा. शेष बचे 94 को अकादमिक उद्देश्यों के लिए संग्रह संपत्तियों के रूप में संरक्षित किया जाएगा और 50 कोर्ट में दायर विभिन्न मामलों के लिए आरक्षित होंगे.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, राज्य वन मंत्री परिमल शूल्कला बैदिया और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ इस सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित होंगे.

असम में इन राइनो हॉर्न्स को जलाने का क्या उद्देश्य है?

असम सरकार 2,623 सींगों में से 2,467 सींगों को जलाएगी. असम में इन राइनो हॉर्न्स का दाह सार्वजनिक रूप से गैंडा संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित करने के लिए आयोजित की जा रहा है. इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य राइनो सींग से जुड़े विभिन्न मिथकों का खंडन करने के साथ-साथ  शिकारियों और तस्करों को चेतावनी का संदेश भेजना भी है.

इस राइनो हॉर्न्स दाह कार्यक्रम से राइनो सींग/ हॉर्न्स के अवैध व्यापार में शामिल लोगों और जो औषधीय उद्देश्यों के लिए इन सींगों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें एक जबरदस्त संदेश भी जाएगा.

ये राइनो सींग कहां से उपलब्ध हुए थे?

ये सींग बारपेटा, मोरीगान, मंगलदोई, नागांव, तेजपुर, गोलाघाट, BTR और कोहोरा से मिले हैं. इन सींगों को बोकाखत ट्रेजरी/ भंडार में जमा किया गया है. इस दाह कार्यक्रम से पहले सींग भंडार में संरक्षित रखे जाने वाले सींगों को जलाये जाने वाले सींगों से अलग किया जाएगा.

इन सभी सींगों को मृत गैंडों से एकत्रित किया गया है या फिर, असम के राष्ट्रीय उद्यानों में गैंडों के सींगों के पुनर्सत्यापन (रिवैरिफिकेशन) कार्यक्रम के दौरान शिकारियों से बरामद किया गया है.

राइनो हॉर्न रिवैरिफिकेशन कार्यक्रम

अगस्त और सितंबर 2021 में, राज्य वन विभाग ने सात वन्यजीव क्षेत्रों - मानस, मोरीगांव, गुवाहाटी, मंगलदाई, तेजपुर, बोकाखत और नागांव में 'सींग पुनर्सत्यापन' कार्यक्रम का आयोजन किया जहां उन्होंने 2,623 राइनो हॉर्न्स की जांच की.

12 सितंबर, 2021 को, इन सींगों का सत्यापन पूरा हो गया था. इन 2,623 राइनो हॉर्न्स में से 2,479 सीगों को नष्ट करने के उद्देश्य से चिह्नित किया गया था, जबकि 94 को अकादमिक उद्देश्यों के लिए संग्रह संपत्तियों के रूप में संरक्षित किया गया था और अन्य 50 सींगों को कोर्ट के विभिन्न मामलों के लिए आरक्षित किया गया था.

राइनो हॉर्न्स का यह दाह क्या कानून के खिलाफ है?

असम सरकार द्वारा इन गैंडे के सींगों को नष्ट करने का समस्त कार्यक्रम वर्ष, 1972 के वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम की धारा 39(3) (C) के अनुसार है. यह कार्यक्रम एक गोवाहाटी उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार भी है.

इन दाह किये गये राइनो हॉर्न्स की राख का क्या होगा?

इन राइनो हॉर्न्स की अवशिष्ट राख का निपटान, चिकित्सा प्रथाओं के लिए तस्करी को रोकने के उद्देश्य से, ठीक से किया जाएगा. इन जले हुए राइनो हॉर्न्स की राख से एक पूर्णकाय गैंडे की मूर्ति तैयार की जायेगी.

क्या इससे पहले भी राइनो हॉर्न्स को जलाया गया है?

इससे पहले राइनो हॉर्न्स को सार्वजनिक रूप से जलाया नहीं गया है, हालांकि एक RTI कार्यकर्ता द्वारा लगाये गये इन आरोपों के बाद कि, वन विभाग के कुछ कर्मचारी  इन सींगों का अवैध रूप से व्यापार कर रहे हैं और उन्हें नकली सींगों के साथ बदल रहे हैं, एक पुनर्सत्यापन कार्यक्रम वर्ष, 2016 में आयोजित किया गया था.

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