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डब्ल्यू. वी. रमन बने भारतीय महिला टीम के कोच

भारत के पूर्व टेस्ट ओपनर डब्ल्यू. वी. रमन को 20 दिसंबर 2018 को भारतीय महिला किकेट टीम का कोच नियुक्‍त कर दिया गया है. कोच पद के लिए रमन के अलावा साउथ अफ्रीका के गैरी कर्स्‍टन और वेंकटेश प्रसाद को शॉटलिस्‍ट किया गया था.

कोच चयन के लिए बनी एडहॉक कमेटी ने डब्ल्यू. वी. रमन के नाम की सिफारिश की जिस पर बीसीसीआई ने मुहर लगा दी. डब्ल्यू. वी. रमन वर्तमान में बेंगलुरु की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में बल्‍लेबाजी सलाहकार हैं. वे अगले महीने न्यूजीलैंड में पहली बार टीम के साथ जाएंगे.

 

28 उम्मीदवारों ने आवेदन किया:

भारतीय महिला टीम के कोच पद के लिए गैरी कर्स्‍टन, डब्ल्यू. वी. रमन और वेंकटेश प्रसाद के सहित 28 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. इनमें भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ मनोज प्रभाकर, ट्रेंट जॉनसन (आयरलैंड), पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम के कोच मार्क कोल्स, इंग्लैंड के दिमित्री मैस्करेनहास, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और श्रीलंका के पूर्व कोच डेव व्हाटमोर, इंग्लैंड के ओवैस शाह, दक्षिण अफ्रीका के हर्शेल गिब्स, ऑस्ट्रेलिया के कोलिन मिलर और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ डोमिनिक थोर्नले जैसे नाम शामिल थे.

 

चयन समिति:

चयन समिति में भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव, पूर्व सलामी बल्लेबाज़ अंशुमान गायकवाड़ और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी शामिल थीं.

 

कोच के रूप में करियर:

उन्होंने रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु और बंगाल क्रिकेट टीम के कोच का पद संभाला है. इसके अलावा वो भारत की अंडर 19 क्रिकेट टीम के कोच भी रहे हैं. वे वर्ष 2009 में कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच बनने से चूक गए थे. वे वर्ष 2013 में आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब के अस्सटेंट कोच भी रहे थे. उन्होंने केकेआर के बल्लेबाजी कोच के रूप में भी कार्य किया है.

 

डब्ल्यू. वी. रमन के बारे में:

   डब्ल्यू. वी. रमन का जन्म 23 मई 1965 को चेन्नई में हुआ था.

   उन्होंने अपना करियर स्पिनर के रूप में शुरू किया था.

   डब्ल्यू. वी. रमन ने भारत के लिए साल 1988 से 1997 के बीच 11 टेस्ट और 27 वनडे मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान उन्होंने 11 टेस्ट मैच में 24.88 की औसत से 448 रन बनाए.

   वे देश के सबसे ज्‍यादा योग्‍य कोचेज में से एक हैं.

   उनके नाम टेस्ट में चार अर्धशतक दर्ज हैं जिसमें सर्वाधिक स्कोर 96 रन है.

 

इससे पहले, रमेश पवार टीम के कोच थे लेकिन उनका कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो गया. इसी दौरान वेस्टइंडीज में खेले गए टी-20 विश्व कप में मिताली राज के विवाद के कारण उनके रहने पर संशय था. रमेश पवार ने हालांकि कोच पद के लिए दोबारा अप्लाई किया था. उनका इंटरव्यू भी हुआ, लेकिन समिति ने उनका नाम आगे नहीं भेजा.

 

   उन्होंने वनडे में वर्ष 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया था. उन्होंने वनडे करियर में खेले 27 मैचों में 23.73 की औसत से 617 रन बनाए. उन्होंने वनडे में 1 शतक और 3 अर्धशतक जड़े. उनका वनडे में सर्वाधिक स्कोर 114 रन का रहा.

   वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज थे.

•   तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी में रमन ने 132 प्रथम श्रेणी मैच खेले. उन्होंने 45.62 की औसत से 7939 रन बनाए. जिसमें 19 शतक और 36 अर्धशतक शामिल हैं.

   उन्‍होंने तमिलनाडु और बंगाल जैसे सबसे बड़ी रणजी ट्रॉफी टीमों को भी कोचिंग दी है.

•   उन्हें वर्ष 1992-93 दौरे के दौरान साउथ अफ्रीका में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय के रूप में भी याद किया जाता है.

   रमन ने करियर का आखिरी टेस्ट मैच वर्ष 1997 में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में खेला था.

 

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