शून्य भेदभाव दिवस 2020: UNAIDS का महिलाओं के प्रति शून्य भेदभाव का आह्वान

शून्य भेदभाव दिवस 2020: संयुक्त राष्ट्र द्वारा महिलाओं और लड़कियों के प्रति भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए 01 मार्च 2020 को पूरे विश्व में शून्य भेदभाव दिवस मनाया गया. इस दिन महिलाओं के अधिकारों, महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता फैलाने का काम  किया जाता है.

शून्य भेदभाव दिवस 2020 का उद्देश्य उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है, जिनमें सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए समानता को सक्षम करने के लिए तत्काल बदलाव की आवश्यकता है. कुछ देशों ने लैंगिक समानता हासिल करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. हालांकि, बहुत से देशों में आय, जातिवाद, विकलांगता, लिंग पहचान और नस्ल सहित कारकों के आधार पर महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव अभी भी मौजूद है.

शून्य भेदभाव दिवस 2020

संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 1 मार्च को शून्य भेदभाव दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य कानून के समक्ष सभी को पूर्ण और उत्पादक जीवन जीने का अधिकार देना है. यह दिन शांतिपूर्ण, समावेशी और दयालु समाज के निर्माण की सिफारिश करता है.

यूएनएड्स के अनुसार, दुनिया भर में प्रत्येक तीन में से एक महिला को अपने जीवन में किसी न किसी प्रकार की हिंसा का अनुभव करना पड़ा है. इसमें किशोर लड़कियों के साथ अपने साथी द्वारा की जाने वाली हिंसा की दर व्यस्क महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा से अधिक पाई गिया है. कुछ देशों में, पिछले 12 महीनों में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने अपने खिलाफ हिंसा की घटनाओं की सूचना दी है.

पृष्ठभूमि

शून्य भेदभाव दिवस की शुरुआत 1 मार्च 2014 को UNAIDS के कार्यकारी निदेशक द्वारा की गई थी. हालांकि, औपचारिक रूप से इसके मनाया जाने की शुरुआत UNAIDS द्वारा दिसंबर 2013 में विश्व एड्स दिवस पर अपने कार्यक्रम के बाद की गई थी. UNAIDS के अनुसार इस दिवस को मनाये जाने का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने और उन्हें भेदभाव से बचाने के लिए जागरुक करना है.

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