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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने आज सुनवाई शुरू होते ही साफ कर दिया था कि आज शाम को पांच बजे मामले में अंतिम सुनवाई होगी.

Oct 16, 2019 16:20 IST
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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला 23 दिन बाद आयेगा. तय समय से एक घंटे पहले ही सुनवाई खत्म हो गया. सुप्रीम कोर्ट में 16 अक्टूबर 2019 को राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले की लगतार 40वें दिन सुनवाई हुई.

इस मामले की सुनवाई पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ की. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने आज सुनवाई शुरू होते ही साफ कर दिया था कि आज शाम को पांच बजे मामले में अंतिम सुनवाई होगी. हालांकि सुनवाई एक घंटे पहले करीब चार बजे ही खत्म हो गई.

इस पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल 17 नवंबर 2019 को समाप्त हो रहा है.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पाँच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ 06 अगस्त 2019 से लगातार इस मामले की सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को लेकर सुनवाई हुई थी. इस मसले पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि अदालत ने मध्यस्थता का जो रास्ता निकाला था, वह काम नहीं कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने जिस पर मध्यस्थता पैनल से रिपोर्ट की मांग की है.

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अयोध्या में बाबरी मस्जिद को लेकर हिंदू तथा मुसलमान समुदाय के बीच विवाद चलते हुए एक सदी से ज़्यादा समय गुजर चुका है. हिंदुओं का दावा है कि बाबरी मस्जिद की जगह राम की जन्मभूमि थी. हिंदु समुदाय का यह भी दावा है कि 16वीं सदी में एक मुस्लिम आक्रमणकारी ने हिंदू मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद बनाई थी.

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मामला क्या है?

वर्ष 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि को तीन पक्षों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लल्ला (राम मंदिर) के बीच बराबर बांट दिया था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के 30 सितंबर 2010 के फैसले के तहत सुनवाई किया जा रहा है. कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या के विवादित स्थल को रामजन्मभूमि करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के विरुद्ध 14 अपील दायर की गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने मध्‍यस्‍थता पैनल का किया था गठन:

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में मामले को राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानते हुए एक मध्‍यस्‍थता पैनल का गठन किया था. कोर्ट ने इस मामले में पक्षकारों के बीच आम सहमति की कमी की कारण से तीन सदस्‍यी पैनल का गठन किया था. इस पैनल का प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एफएम कलीफुल्ला को बनाया गया था. इस समिति के अन्य सदस्यों में आध्यत्मिक गुरू और आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू शामिल थे.

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