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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यूएनएफसीसीसी में भारत के दूसरे द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट को प्रस्तुत करने की मंजूरी दी

Dec 29, 2018 12:52 IST

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 28 दिसंबर 2018 को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) में भारत की दूसरी द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर) को पेश करने की मंजूरी दे दी.

भारत की द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं:

   दूसरी द्विवार्षिक रिपोर्ट, सम्मेलन में प्रस्तुत पहली द्विवार्षिक रिपोर्ट का अद्यतन रूप है.

   रिपोर्ट में पांच प्रमुख घटक, राष्ट्रीय परिस्थितियां, राष्ट्रीय स्तर पर ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, शमन आधारित कार्यकलाप, वित्त, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण संबंधी आवश्यकताएं तथा समर्थन प्राप्ति एवं घरेलू निगरानी को शामिल किया गया है.

   राष्ट्रीय स्तर पर किए गए विभिन्न अध्ययनों के पश्चात द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर) तैयार की गई है.

   विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा,  अवर सचिव (जलवायु परिवर्तन) की अध्यक्षता में प्रौद्योगिकी परामर्शदात्री विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई समीक्षा, सचिव (ईएफ एंड सीसी) की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा समीक्षा की गई.

   समीक्षा प्रक्रिया के पश्चात सभी संशोधनों व प्रासंगिक टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए दूसरी द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर) को अंतिम रूप दिया गया है.

रिपोर्ट:

पहली रिपोर्ट वर्ष 2016 में पेश की गयी थी. भारत में वर्ष 2014 के दौरान विभिन्न गतिविधियों से कुल 26,07,488 गीगा ग्राम ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन हुआ. एलयूएलयूसीएफ उत्सर्जन में ऊर्जा क्षेत्र की सर्वाधिक हिस्सेदारी (73 प्रतिशत), आईपीपीयू की 8 प्रतिशत, कृषि की 16 प्रतिशत और अपशिष्ट क्षेत्र की 3 प्रतिशत रही. वन भूमि, कृषि भूमि और आबादी के कार्बन सिंक ऐक्शन से उत्सर्जन में 12 प्रतिशत की कमी हुई.

भारत की ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन तालिका वर्ष 2014 के लिए निम्न है:

श्रेणी

कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (गीगा ग्राम)

ऊर्जा

19,09,765.74

औद्योगिक प्रक्रिया व उत्पाद उपयोग

2,02,277.69

कृषि

4,17,217.69

अपशिष्ट

78,227.15

भूमि का उपयोग, भूमि उपयोग में बदलाव व वनीकरण (एलयूएलयूसीएफ)**

-3,01,192.69

कुल (एलयूएलयूसीएफ को छोड़कर)

26,07,488.12

कुल (एलयूएलयूसीएफ के साथ)

23,06,295.43

 

** ऋणात्मक उत्सर्जन का अर्थ है सिंक ऐक्शन अर्थात वायुमंडल से प्रतिस्थापित कार्बन की कुल मात्रा.

प्रभाव:

कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी प्रदान करने का दायित्व भारत पर है. दूसरी द्विवार्षिक रिपोर्ट के प्रस्तुतिकरण से दायित्व का निर्वहन होगा. भारत इस सम्मेलन का सदस्य देश है.

पृष्ठभूमि:

भारत, संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) का सदस्य देश है. धारा 4.1 और धारा 12.1 के तहत सम्मेलन, विकसित और विकासशील देशों समेत सभी सदस्य देशों को सम्मेलन के सुझावों/दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी/रिपोर्ट प्रदान करने का आग्रह करता है.

यूएनएफसीसीसी के सदस्य देशों ने 16वें सत्र में अनुच्छेद 60 (सी) निर्णय-1 के तहत यह निश्चित किया था कि अपनी क्षमता के अनुकूल विकासशील देश भी द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे. इन रिपोर्टों में राष्ट्रीय ग्रीन हाऊस गैस तालिका के साथ-साथ उत्सर्जन कम करने के प्रयास, आवश्यकताएं और समर्थन प्राप्ति का भी उल्लेख होगा.

 

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