केंद्र सरकार ने महिलाओं के उत्पीडन की शिकायत हेतु एसएचई बाक्स का शुभारम्भ किया

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को आनलाइन दर्ज कराने हेतु केंद्र सरकार ने सात नंवबर 2017 को आनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली ‘एसएचई बाक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रानिक बाक्स) का शुभारम्भ किया.

Created On: Nov 8, 2017 11:05 ISTModified On: Nov 8, 2017 11:54 IST

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को आनलाइन दर्ज कराने हेतु केंद्र सरकार ने सात नंवबर 2017 को आनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली ‘एसएचई बाक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रानिक बाक्स) का शुभारम्भ किया.

एसएचई बाक्स का अनावरण केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा किया गया. कामकाजी महिलाएं अब यौन उत्पीड़न की शिकायत आनलाइन दर्ज कर सकती हैं. केन्द्रीय मन्त्री के अनुसार शिकायत दर्ज होने के दिन से ही आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई आरम्भ कर दी जाएगी.

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केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी के अनुसार महिला बाल विकास मंत्रालय के अधीन एक प्रकोष्ठ आनलाइन दर्ज प्रत्येक शिकायत की निगरानी करेगा. वह इसे संबद्ध संगठन की आतंरिक शिकायत समिति के साथ साझा करेगा. शिकायतकर्ता इस समिति द्वारा की जा रही जांच की स्थिति पर भी नजर रख सकेगी.

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‘एसएचई बाक्स’ (यौन उत्पीड़न इलेक्ट्रानिक बाक्स) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा. अभी तक मंत्रालय ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की आनलाइन शिकायत दर्ज करवाने हेतु एक हेल्पलाइन आरम्भ की थी. इस पर मंत्रालय को 346 शिकायतें प्राप्त हुईं.

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शिकायतों का निस्तारण-
एसएचई बाक्स के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई हेतु स्थानीय पुलिस तथा गृह मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ समन्वय किया जाता है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पहले भी सरकारी कर्मचारियों हेतु एक वेब पेज शुरू किया था जिसका विस्तार अब निजी क्षेत्र हेतु भी किया गया है.

एसएचई बाक्स का प्रयोग करने वालों के पास पोर्टल के माध्यम से महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों से संवाद करने का विकल्प होगा. उन्हें निश्चत समयावधि में जवाब भी दिया जायेगा.

इस पोर्टल में उन 112 संगठनों की जानकारी भी दी गयी है जिन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न मुद्दे पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण  कार्यशाला चलाने हेतु सूचीबद्ध कर रखा है.

यौन उत्पीड़न कानून-
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न कानून 2013 के तहत 10 या अधिक कर्मचारी वाले किसी भी संगठन के लिए आतंरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है जो यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों का निस्तारण कर सके.

 

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