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चंद्रयान-2: विक्रम लैंडर के साथ संपर्क टूटा, इसरो के वैज्ञानिकों को डेटा का इंतज़ार

विक्रम लैंडर को रात 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच चांद की सतह पर उतरना था. भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की उपलब्धि को देखने और उनका हौसला बढ़ाने हेतु प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी भी बेंगलुरु में इसरो के मुख्यालय पहुँचे थे.

Sep 7, 2019 07:15 IST
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मिशन चंद्रयान-2 का लैंडर 'विक्रम' चांद की सतह पर उतरने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से संपर्क टूट गया. इसरो के अनुसार, रात 1:37 बजे लैंडर की चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. लेकिन लगभग 2.1 किमी ऊपर संपर्क टूट गया.

इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा की डेटा की समीक्षा की जा रही है. विक्रम लैंडर को रात 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच चांद की सतह पर उतरना था. भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की उपलब्धि को देखने और उनका हौसला बढ़ाने हेतु प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी भी बेंगलुरु में इसरो के मुख्यालय पहुँचे थे.

इसरो के वैज्ञानिकों ने रात 1:30 बजे चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर को धीरे-धीरे चांद की सतह पर उतारना शुरु किया था. विक्रम लैंडर को पहले चांद की कक्षा में मौजूद ऑर्बिटर से अलग किया जाना था और फिर उसे चंद्रमा की सतह की ओर ले जाना था.

लैंडर के अंदर प्रज्ञान रोवर

लैंडर के अंदर प्रज्ञान नाम का रोवर भी था जिसे लैंडर के सुरक्षित उतर जाने के बाद बाहर निकलकर चांद की सतह पर घूमना और वैज्ञानिक जांच पड़ताल करना था.

इसरो द्वारा चंद्रयान 2 के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को चुना गया था जहां पर विक्रम लैंडर की सॉफ़्ट लैंडिंग करवाई जानी थी. सब कुछ सही जा रहा था मगर सतह पर पहुंचने से कुछ देर पहले ही लैंडर से संपर्क टूट गया.

दक्षिणी ध्रुव पर कोई यान भेजने वाला भारत पहला देश

भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कोई यान भेजने वाला पहला देश है. अब तक चांद पर गए ज़्यादातर मिशन इसकी भूमध्य रेखा के आस-पास ही उतरे हैं. यदि भारत क़ामयाब रहता तो अमरीका, रूस और चीन के बाद, भारत चंद्रमा पर किसी अंतरिक्ष यान की सॉफ़्ट लैंडिंग करवाने वाला चौथा देश बन जाता.

प्रधानमंत्री इसरो केंद्र में मौजूद थे

प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस ऐतिहासिक लम्हे को देखने के लिए इसरो के बेंगलुरु केंद्र में उपस्थित थे. उनके साथ 60 से 70 स्कूली बच्चे भी थे. इन्होने क्विज प्रतियोगिता के जरिए लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखने का मौका हासिल किया था.

चंद्रयान 2

22 जुलाई 2019 को चंद्रयान-2 लांच किया गया था. चंद्रयान में तीन प्रमुख हिस्से- ऑर्बिटर (वजन 2,379 किलोग्राम), लैंडर विक्रम (1,471 किलोग्राम) और एक रॉवर प्रज्ञान (27 किलोग्राम) है.

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