डॉ. हर्षवर्धन ने किया सेंटर फॉर एडवांस्ड रेडिएशन शील्डिंग एंड जियोपॉलिमेरिक मैटेरियल्स का उद्घाटन

इस केंद्र से यह अपेक्षा की जाती है कि यह रेडिएशन शील्डिंग के तंत्र को समझने और विकसित सामग्रियों के इंजीनियरिंग गुणों में सुधार के लिए ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा.

Created On: Mar 18, 2021 18:26 ISTModified On: Mar 18, 2021 18:28 IST

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 13 मार्च, 2021 को भोपाल में CSIR-AMPRI की अपनी यात्रा के दौरान सेंटर फॉर एडवांस रेडिएशन शील्डिंग एंड जियोपॉलिमेरिक मैटेरियल्स एंड एनालिटिकल हाई-रिजोल्यूशन ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रयोगशाला का उद्घाटन किया.

केंद्रीय मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि, यह संस्थान उन्नत तकनीकों के अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहा है. यह SARS-COV संक्रमण का पता लगाने के लिए तेजी से विद्युत-आधारित निदान के विकास के क्षेत्र में AIIMS, भोपाल के सहयोग से अनुसंधान का उपक्रम करके, इस कोविड समय के दौरान आगे बढ़ा है.

सेंटर फॉर एडवांस रेडिएशन शील्डिंग और जियोपॉलिमेरिक मटेरियल

सेंटर फॉर एडवांस रेडिएशन शील्डिंग और जियोपॉलिमेरिक मटेरियल (उन्नत विकिरण परिरक्षण और भूभौतिकीय सामग्री) की स्थापना कुल 455.52 वर्गमीटर और कारपेट एरिया 906.24 वर्गमीटर क्षेत्र पर की जाएगी.

भूभौतिकीय सामग्री (जियोपॉलिमेरिक मटेरियल) में प्रगति से रणनीतिक अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी जैसे कि:

मिसाइल और रॉकेट लॉन्चिंग पैड के लिए थरमल रेसिस्टेंट जियोपॉलिमेरिक कंक्रीट

- बुलेट के लिए जियोपॉलिमेरिक बुलेट प्रूफ कंक्रीट

- ग्रेन-इंडिकेटेड जियोपॉलिमेरिक कंक्रीट

- जियोपॉलिमेरिक रेडिएशन शील्डिंग कंक्रीट

इसमें सड़क के अनुप्रयोगों और संरचनात्मक अनुप्रयोगों के लिए तैयार मिक्स जियोपॉलिमेरिक कंक्रीट के विकास और संवर्धन के साथ रोलर-कॉम्पेक्टेड जियोफाइलेमिक कंक्रीट के विकास और प्री-स्ट्रेस्ड जियोफाइलेमिक कंक्रीट घटकों के विकास जैसे उन्नत पारंपरिक अनुप्रयोग भी शामिल होंगे.

उद्देश्य

• इस केंद्र से यह अपेक्षा की जाती है कि यह रेडिएशन शील्डिंग के तंत्र को समझने और विकसित सामग्रियों के इंजीनियरिंग गुणों में सुधार के लिए ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा.
• यह इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकियों के उत्थान की सुविधा प्रदान करेगा और भारतीय उद्योग को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा.

एनालिटिकल हाई-रिज़ॉल्यूशन ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रयोगशाला

एनालिटिकल हाई-रिज़ॉल्यूशन ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप प्रयोगशाला में उच्च-कोण एन्यूलर डार्क फील्ड डिटेक्टर (HAADF) और ऊर्जा डिस्पैसर स्पेक्ट्रोमीटर (EDS) के साथ स्कैनिंग ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (STEM) के साथ TEM सैंपल तैयार करने वाले उपकरण जैसे आयन मिलिंग सिस्टम, अल्ट्रासोनिक डिस्क कटर, डिंपल ग्राइंडर, डिस्क पंच, लैपिंग डिस्क और डायमंड आरा होते हैं.

महत्व

CSIR-AMPRI के निदेशक डॉ.अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने यह कहा कि, CSIR-AMPRI में ये उन्नत उपकरण CSIR-AMPRI में विकसित उन्नत सामग्रियों के रूपात्मक, संरचनात्मक और संरचनागत विश्लेषण पर प्रकाश डाल सकते हैं.

CSIR-AMPRI बांस कम्पोजिट संरचना

CSIR-AMPRI ने आधुनिक आवास और संरचनाओं के लिए एक कच्चे माल के तौर पर बहुतायत से उपलब्ध बांस का उपयोग करते हुए, पर्यावरण के अनुकूल बहुआयामी बांस मिश्रित सामग्री के निर्माण के लिए CSIR-AMPRI बांस कंपोजिट संरचना का विकास किया है.

लाभ

डॉ. हर्षवर्धन के अनुसार, CSIR-AMPRI बांस कंपोजिट संरचना भारत के विभिन्न हिस्सों में स्थित बांस की खेती करने वालों के लिए फायदेमंद होगी. यह रोजगार सृजन में भी मदद करेगी.

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि, भारत बांस का दूसरा सबसे बड़ा कृषक है, लेकिन उसके पास विश्व व्यापार का केवल 4 प्रतिशत हिस्सा है और बांस की लकड़ी प्रौद्योगिकी में इस व्यापार की हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता है.

सोर्स: पीआईबी

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