Search

सुरजीत भल्ला ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्तीफा दिया

सुरजीत भल्ला का इस्तीफा 01 दिसंबर 2018 से प्रभावी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला का आर्थिक सलाहकार परिषद में अंशकालिक सदस्य पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

Dec 12, 2018 09:00 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद् के अंशकालिक सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है. सुरजीत भल्ला ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई वजह नहीं बताई.

सुरजीत भल्ला का इस्तीफा 01 दिसंबर 2018 से प्रभावी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला का आर्थिक सलाहकार परिषद में अंशकालिक सदस्य पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

इस परिषद् की अगुवाई नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय करते हैं और रतिन रॉय, शमिका रवि तथा अशीमा गोयल इसके अंशकालिक (पार्ट-टाइम) सदस्य हैं.

सुरजीत भल्ला ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा की पीएमईएसी की पार्ट-टाइम सदस्यता से मैंने एक दिसंबर को इस्तीफा दे दिया. वे अल्पकालिक सदस्य के तौर पर आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) में शामिल हुए थे.

                    अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:

सुरजीत भल्ला के इस्तीफ़े की ख़बर रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफ़े के बाद आई है. बता दें     पहले से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि स्वायत्ता के मुद्दे पर सरकार और आरबीआई के बीच खींचतान के कारण उर्जित पटेल इस्तीफा दे देंगे. लेकिन तब किसी तरह बात बन गई और इस मुद्दे के हल के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया था. जिसके बाद अब उर्जित पटेल ने अपने इस्तीफे से सभी को चौंका दिया है.

 

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद:

प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) भारत में प्रधानमंत्री को आर्थिक मामलों पर सलाह देने वाली समिति है. इसमें एक अध्यक्ष तथा चार सदस्य होते हैं. इसके सदस्यों का कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल के बराबर होता है. आमतौर पर प्रधानमंत्री द्वारा शपथ ग्रहण के बाद सलाहकार समिति के सदस्यों की नियुक्ति होती है. प्रधानमंत्री द्वारा पदमुक्त होने के साथ ही सलाहकार समिति के सदस्य भी त्यागपत्र दे देते हैं.

आर्थिक सलाहकार परिषद एक स्वतंत्र निकाय है, जिसका कार्य आर्थिक मुद्दो पर सरकार को, विशेष कर प्रधानमंत्री को सलाह देना है. यह सलाह अपनी ओर से अथवा प्रधानमंत्री द्वारा सौपें गये किसी विषय पर हो सकती है. इसके अतरिक्त प्रधानमंत्री द्वारा सोपें गये किसी अन्य कार्य को अंजाम देना भी इसके कार्यो में शामिल है.

 

यह भी पढ़ें: उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दिया

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS