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मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का अदालत में सुनवाई के दौरान निधन, जाने विस्तार से

सरकारी टीवी के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति जासूसी के आरोप में अदालत की सुनवाई में हिस्सा ले रहे थे, तभी वह अचानक से बेहोश हो गए और उनका निधन हो गया. उनके शव को अस्पताल ले जाया गया.

Jun 18, 2019 09:00 IST

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी 17 जून 2019 को अदालत में सुनवाई के दौरान गिर पड़े और उनका निधन हो गया. वे 67 वर्ष के थे. यह जानकारी देश के सरकारी टीवी ने दी है.

सरकारी टीवी के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति जासूसी के आरोप में अदालत की सुनवाई में हिस्सा ले रहे थे, तभी वह अचानक से बेहोश हो गए और उनका निधन हो गया. उनके शव को अस्पताल ले जाया गया.

20 साल की सजा

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी पर फलस्तीनी इस्लामवादी समूह हमास के साथ संपर्कों को लेकर जासूसी का आरोप लगाया गया था. प्रदर्शन में मारे गए एक व्यक्ति की हत्या के मामले में वे 20 साल की सजा भी काट रहे थे. मोहम्मद मुर्सी को साल 2012 में देश का राष्ट्रपति चुना गया था.

उनके कार्यकाल के एक साल के बाद जन-आंदोलन शुरू हुए थे जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. साल 2012 का चुनाव मिस्र के लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे हुस्नी मुबारक को पद से हटाने के बाद हुए थे.

मोहम्मद मुर्सी

मोहम्मद मुर्सी का ताल्लुक देश के सबसे बड़े इस्लामी समूह मुस्लिम ब्रदरहुड से था जिसे अब गैर कानूनी घोषित कर दिया गया है. फौज ने बड़े स्तर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद साल 2013 में मोहम्मद मुर्सी का तख्तापलट कर दिया था और ब्रदरहुड को कुचल दिया था. सेना ने मोहम्मद मुर्सी समेत समूह के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था.

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मुर्सी 30 जून 2012 से लेकर 3 जुलाई 2013 तक राष्ट्रपति के पद पर रहे. इसके बाद अब्दुल फताह अल-सीसी राष्ट्रपति बने. मिस्त्र के शरकिया प्रांत में साल 1951 में जन्मे मोहम्मद मुर्सी ने काहिरा यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की और फिर अमेरिका में पीएचडी की. वे बाद में जागाजिग यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख भी रहे. मुर्सी देश के पांचवे राष्ट्रपति बने थे.

मोहम्मद मुर्सी मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड दल के प्रमुख राजनितिज्ञ थे. मुर्सी पहले अभियंता थे. उनकी शिक्षा अमेरिका में हुई थी. वे साल 2001 से साल 2005 के बीच मिश्र में हुए आम चुनाव में निर्दलीय सांसद रहे थे. वे जनवरी 2011 में मुस्लिम ब्रदरहुड के राजनीतिक दल फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष रहे थे.

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