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टिकाऊ जल प्रबंधन पर पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मोहाली में आयोजित

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘टिकाऊ जल प्रबंधन’ है. सम्मेलन की विषयवस्तु जल संसाधनों के समेकित एवं टिकाऊ विकास एवं प्रबंधन को बढ़ावा देने से संबंधित है.

Dec 10, 2018 15:23 IST
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पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मोहाली (पंजाब) के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) में 10 दिसंबर 2018 को आयोजित किया जा रहा है.

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्रालय की राष्ट्रीय जलविद्युत परियोजना के तहत भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. यह सम्मेलन 10 और 11 दिसंबर को आयोजित किया जा रहा है.

सम्मेलन की विषयवस्तु:

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘टिकाऊ जल प्रबंधन’ है. सम्मेलन की विषयवस्तु जल संसाधनों के समेकित एवं टिकाऊ विकास एवं प्रबंधन को बढ़ावा देने से संबंधित है.

 

उद्देश्य:

सम्मेलन का उद्देश्य सरकार, वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक समुदायों सहित विभिन्न हितधारकों के बीच सहभागिता एवं संवाद को बढ़ावा देना है जिससे कि जल प्रबंधन के लिए टिकाऊ नीतियों को बढ़ावा दिया जा सके, जल संबंधित समस्याओं को लेकर जागरुकता बढ़ाई जा सके, उनके समाधान हेतु सर्वोच्च स्तर पर प्रतिबद्धता प्रेरित की जा सके और इस प्रकार स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर जल संसाधन के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सके.

 

मुख्य तथ्य:

•   हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत मुख्य अतिथि थे एवं भारत सरकार के केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा कायाकल्प मंत्रालय के सचिव यू.पी सिंह सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के विशिष्ट अतिथि थे.

   सम्मेलन में भागीदारी निमंत्रण के जरिये है और 400 से अधिक प्रतिनिधि पंजीकृत हो चुके हैं.

   लगभग 20 कंपनियां प्रदर्शनी में अपने स्टॉल लगा रही हैं जिससे कि टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अपने कार्यकलापों को प्रदर्शित कर सकें.

   भारत एवं ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, नीदरलैंड, कोरिया गणराज्य, कनाडा, जर्मनी, श्रीलंका आदि जैसे अन्य देशों के विख्यात संगठनों के कई विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि समारोह में भाग ले रहे है एवं जल संसाधनों के टिकाऊ विकास के लिए हितधारकों को अत्याधुनिक प्रोद्योगिकी के उपयोग में अपना अनुभव एवं अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए सम्मेलन में भाग लेंगे.

 

भाखड़ा ब्यास प्रबन्ध बोर्ड (बीबीएमबी):

भारत तथा पाकिस्‍तान के बीच इन्‍डस जल सन्धि, 1960 पर हस्‍ताक्षर हुए जिसके अनुसार तीन पूर्वी नदियां नामत: सतलुज, ब्‍यास तथा रावी के जल का अनन्‍य प्रयोग करने के लिए भारत को आबंटित किया गया.

भाखड़ा और ब्‍यास परियोजनाएं तत्‍कालीन पंजाब एवं राजस्‍थान के संयुक्‍त उद्यम के रूप में योजना का मुख्‍य हिस्‍सा बनी.

1 नवम्‍वर 1966 को तत्‍कालीन पंजाब राज्‍य के पुनर्गठन पर भाखड़ा प्रबन्‍ध बोर्ड का गठन भाखड़ा नंगल परियोजना के प्रशासन, अनुरक्षण एवं परिचालन के लिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 79 के अन्‍तर्गत 1 अक्टूबर 1967 से हुआ.

ब्‍यास परियोजना का कार्य पूर्ण होने पर भारत सरकार द्वारा पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 80 के अनुसार ब्‍यास निर्माण बोर्ड बीसीबी को भाखड़ा ब्‍यास प्रबन्‍ध बोर्ड में स्‍थानांतरित कर दिया गया.

 

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