GST परिषद ने COVID राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने का किया फैसला

43 वीं GST परिषद की बैठक: कुछ प्रमुख फैसलों में COVID-19 राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने को आसान बनाने के लिए CGST अधिनियम में संशोधन की सिफारिश शामिल है.

Created On: May 31, 2021 16:32 ISTModified On: May 31, 2021 16:39 IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 मई, 2021 को वस्तु एवं सेवा कर (GST) की 43वीं आभासी बैठक की अध्यक्षता की.

43वीं GST परिषद की बैठक के दौरान लिए गए कुछ प्रमुख फैसलों में कोविड-19 राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट, ब्लैक फंगस को नियंत्रित करने के लिए नशीली दवाओं के उपयोग को छूट सूची में शामिल करना, वार्षिक रिटर्न की फाइलिंग को आसान बनाने के लिए CGST अधिनियम में संशोधन की सिफारिश जैसे कई अन्य फैसले शामिल है.

GST परिषद ने COVID राहत वस्तुओं पर आयात शुल्क में दी छूट

• वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा की है कि, GST परिषद ने 31 अगस्त, 2021 तक COVID-19 संबंधित विभिन्न वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है.
• वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि, कोविड राहत उपकरणों के लिए तदर्थ (एडहॉक) छूट दी गई है. GST परिषद ने 31 अगस्त, 2021 तक बढ़ाई गई इस छूट के साथ, इनमें से कई वस्तुओं के आयात को छूट देने का फैसला किया है.

COVID राहत मदों में और कटौती निर्धारण के लिए बनाया जाएगा मंत्रियों का समूह

• वित्त मंत्री ने GST परिषद की इस 43वीं बैठक के दौरान, जल्दी से मंत्रियों का एक समूह बनाने का निर्णय लिया और यह घोषणा की थी कि, जो 10 दिनों के भीतर - 08 जून को या उससे पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे.
• देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए GST परिषद ने एम्फोटेरिसिन बी को भी छूट उस सूची में शामिल किया है जिसमें अन्य कोविड राहत सामग्री भी शामिल है.

छोटे और मध्यम आकार के करदाताओं पर अनुपालन बोझ में कमी

• केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह बताया कि, कुछ सबसे बड़े फैसलों में से एक फैसला, छोटे और मध्यम आकार के करदाताओं पर अनुपालन बोझ को कम करना है.

FM ने वैक्सीन आपूर्ति में वृद्धि का भी दिया आश्वासन

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि, दो वैक्सीन निर्माताओं को अग्रिम भुगतान के रूप में 4,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. सरकार ने टीकों के लिए यूरोपीय संघ, जापानी सहित विभिन्न निर्माताओं/ आपूर्तिकर्ताओं के साथ बातचीत की है.

वार्षिक रिटर्न फाइलिंग को भी बनाया जायेगा आसान

• वार्षिक रिटर्न फाइलिंग को भी सरल बनाया गया है. GST परिषद ने CGST अधिनियम में संशोधन करने की सिफारिश की है ताकि सुलह बयानों के स्व-प्रमाणन को चार्टर्ड एकाउंटेंट्स द्वारा प्रमाणित करने के बजाय, स्वयं प्रमाणन को अनुमति दी जा सके.
• 02 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले छोटे करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक रिटर्न फाइलिंग भी वैकल्पिक बनी रहेगी.

GST मुआवजा उपकर के लिए फॉर्मूला समान रहेगा

• GST मुआवजा उपकर पर वर्ष, 2021 में भी पिछले साल की तरह ही फॉर्मूला अपनाया जाएगा. एक मोटा अनुमान यह है कि, केंद्र सरकार को 01.58 लाख करोड़रुपये उधार लेने पड़ेंगे और यह राशि देश के विभिन्न राज्यों को प्रदान करनी होगी.
• केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि, चूंकि सरकार पिछले 05 वर्षों के आखिरी वर्ष में यह 14% मुआवजा संरक्षित राजस्व व्यवस्था लागू कर रही है, एक विशेष GST परिषद के सत्र में इस बारे में विस्तार से चर्चा करके निर्णय लिया जायेगा.

42वीं GST परिषद की बैठक: प्रमुख निर्णय

• 05 अक्टूबर, 2020 को हुई GST परिषद की 42वीं बैठक में मुआवजा उपकर की वसूली को 05 साल की संक्रमण अवधि से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया था.
• देश के विभिन्न राज्यों के अनुरोध पर, उधार विकल्प के तहत सरकार ने कमी राशि (शॉर्टफाल अमाउंट) को 97,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 01.10 लाख करोड़ रुपये कर दिया. 

माल और सेवा कर (GST) परिषद

GST परिषद एक शीर्ष निकाय है जो कर की प्रयोज्यता और केंद्र और राज्य सरकारों के बीच दोहरे नियंत्रण की सीमा के संबंध में निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है.

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