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GOM द्वारा 60 लाख तक के टर्नओवर पर 5,000 रुपये GST की सिफारिश

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाले एक अन्य मंत्रिसमूह द्वारा केरल को दो साल तक एक प्रतिशत प्राकृतिक आपदा सेस लगाने की अनुमति का सुझाव दिया गया.

Jan 7, 2019 09:51 IST
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वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला की अध्यक्षता वाले एक मंत्रिसमूह (GOM) ने 06 जनवरी 2019 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें कीं.

इसके अतिरिक्त बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाले एक अन्य मंत्रिसमूह द्वारा केरल को दो साल तक एक प्रतिशत प्राकृतिक आपदा सेस लगाने की अनुमति का सुझाव दिया गया.

शिव प्रताप शुक्ला की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह (GOM) की सिफारिशें


•    जीओएम ने 50-60 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले एमएसएमई पर 5,000 रुपये जीएसटी लगाने और 60-75 लाख रुपये टर्नओवर पर 10-15 हजार रुपये जीएसटी लगाने की सिफारिश की.

•    जीओएम ने कंपोजीशन स्कीम के लिए भी सालाना टर्नओवर की सीमा वर्तमान एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की.

•    जीओएम ने यह विचार भी रखा कि कंपोजीशन स्कीम के तहत डीलर को सालाना आधार पर रिटर्न दाखिल करने की सुविधा दी जाए.

•    जीओएम ने यह भी सुझाव दिया कि 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी नेटवर्क से मुफ्त अकाउंटिंग और बिलिंग सॉफ्टवेयर मिलना चाहिए.

 


सुशील मोदी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह (GOM) की सिफारिशें

•    सुशील मोदी की अध्यक्षता वाले जीओएम ने यह सिफारिश की कि एक प्रतिशत सेस के लिए वस्तु और सेवा चुनने का अधिकार केरल को ही दिया जाए.

•    यदि कोई अन्य राज्य प्राकृतिक आपदा सेस लगाना चाहता है, तो उसे जीएसटी काउंसिल से अनुमति लेनी चाहिए.

•    मंत्रिसमूह द्वारा यह भी विचार रखा गया है कि राजकोषीय दायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम में संशोधन कर उन राज्यों के लिए उधारी सीमा में राहत दी जानी चाहिए, जो आपदा के बाद के संकट से गुजर रहे हैं.

•    हालांकि, सिफारिश में कहा गया कि यह फैसला केंद्र और राज्य मिलकर करे.

मंत्रिसमूहों के बारे में जानकारी

शिव प्रताप शुक्ला की अध्यक्षता वाली समिति का गठन अगस्त 2018 में किया गया था. इसमें बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, असम के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल शामिल हैं.    

प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और पुनर्वास आदि कार्यों के लिए जीएसटी प्रणाली के तहत आपदा उपकर का प्रावधान किए जाने पर विचार के लिए अक्टूबर 2018 में गठित सुशील मोदी के नेतृत्व वाले मंत्री समूह में असम, केरल और पंजाब के वित्त मंत्रियों के अलावा ओडिशा के वित्त मंत्री शशिभूषण बेहरा, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगंतिवार और उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत को शामिल किया गया है.


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