हरियाणा सरकार ने पानीपत में लिंग अनुपात निगरानी डैशबोर्ड की स्थापना की

डैशबोर्ड की स्थापना लिंगानुपात के आंकड़ों की सटीक जानकारी और इसकी मॉनिटरिंग हेतु की गयी. वर्तमान में पानीपत जिला का लिंगानुपात 961 है.

Created On: Feb 27, 2017 10:16 ISTModified On: Feb 27, 2017 10:11 IST

केंद्र सरकार के अभियान बेटी बचाओ बेटी पढाओ के तहत हरियाणा सरकार ने पानीपत में लिंग अनुपात निगरानी डैशबोर्ड की स्थापना की. डैशबोर्ड की स्थापना लिंगानुपात के आंकड़ों की सटीक जानकारी और इसकी मॉनिटरिंग हेतु की गयी. वर्तमान में पानीपत जिला का लिंगानुपात 961 है. लिंगानुपात के आंकड़ों की जानकारी हेतु लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर कार्यशाला का भी आयोजन किया गया.
 
निगरानी डैशबोर्ड की स्थापना में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रियांजली मित्रा ने नायाब पहल की शुरूआत की. डैशबोर्ड के निर्माण में जिला सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया.

अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता के अनुसार प्रशासन ने जिले के सभी गांवों के लिंगानुपात आंकड़ों को एक जगह लाकर लिंग अनुपात निगरानी डैशबोर्ड स्थापित किया है.

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डैशबोर्ड के बारे में-
•    डैशबोर्ड पर सम्बंधित विभाग या स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा गांव वार मासिक आंकडे उपलब्ध होंगे.
•    डैशबोर्ड की स्थापना से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और विश्वसनीय आंकड़ों की अनुपलब्धता की समस्या का भी निदान हो सकेगा.
•    लिंगानुपात निगरानी डैशबोर्ड को आम जनता हेतु भी जारी कर दिया गया. कोई भी आम नागरिक अपने गाँव या किसी भी गाँव के लिंगानुपात के आंकड़ों की जानकारी अब सुलभता के साथ प्राप्त कर सकेगा.
•    जब आंकड़े फाईलों में होते हैं तो उनमें सुधार की संभावना नगण्य रहतुइ है और आंकड़े ऑन लाईन होने पर सुधार की सम्भावनाएं अत्यधिक बढ जाती हैं.
•    स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के 2015 के बाद के सभी आंकड़ों की तुलना डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के माध्यम से की जा सकती है.
•    डैशबोर्ड पर लिंगानुपात के मामले में संवेदनशील गांवों के लिंगानुपात के आंकड़ों को भी देखा जा सकता है.
•    इस पहल से जनता के बीच सामूहिक जवाबदेही का निर्माण तो होगा ही साथ ही जिले में लिंगानुपात की निगरानी में नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ेगी.
•    डैशबोर्ड की स्थापना के बाद अतिरिक्त आंकड़ों की मैन्यूअल प्रविष्टि से होने वाली गलतियों पर भी रोक लग सकेगी.
•    डैशबोर्ड को महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी और सिविल सर्जन के साथ साझा किया गया है. जिससे वह जमीनी स्तर पर आंगनवाडी कार्यकर्ताओं तथा आशा वर्करों के साथ सार्थक समन्वय स्थापित कर इस पर मासिक रिपोर्ट तैयार कर सकें.
•    डैशबोर्ड पर जो भी आंकडें प्रविष्ट किये जायेंगे, वे गाँव और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर होंगे जिसके बाद इसका मूल्यांकन कर आवश्यक गणना की जायेगी.

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