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शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह पर भूमिगत झील की खोज की

Jul 26, 2018 18:22 IST

    शोधकर्ताओं ने मंगल ग्रह पर पहली बार भूमिगत झील की खोज की. अमेरिकी जर्नल 'साइंस' में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा है कि मंगल पर बर्फ के नीचे स्थित झील करीब 20 किलोमीटर चौड़ी है और यहां बर्फ की परत जमी है.

    ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने कहा कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं खुलती हैं.

    मुख्य तथ्य:

    • इससे मंगल ग्रह पर अधिक पानी और यहां तक कि जीवन की उपस्थिति की संभावना पैदा हो गयी है.
    • यह मंगल ग्रह पर पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जल निकाय है.
    • शोधकर्ताओं ने मंगल पर अतीत और वर्तमान में जीवन की संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं.
    • हालांकि क्षीण वायुमंडल की वजह से मंगल की जलवायु पहले के मुकाबले ठंडी हुई है जिससे परिणामस्वरूप यहां मौजूद जल बर्फ़ में बदल गया है.
    • पहले के शोध में मंगल के धरातल पर तरल जल के संभावित चिन्ह मिले थे, लेकिन ये जल के पाए जाने का पहला ऐसा प्रमाण है, जो वर्तमान में मौजूद है.
    • अध्ययन में जिस झील के मिलने की बात है, उसका पानी पीने लायक नहीं है. यह बहता पानी बर्फीली सतह के करीब 1.5 किलोमीटर नीचे मौजूद है.
    • यह झील बहुत ठंडी है और इसमें बहुत सा नमक और अन्य मिनरल घुले हैं.
    • इसका तापमान शुद्ध जल के हिमांक (जिस तापमान पर पानी बर्फ बन जाता है) से कम है, फिर भी मैग्नीशियम, कैल्शियम और सोडियम की उपस्थिति के कारण झील का पानी जमा नहीं है.

     

    कैसे हुई झील की खोज़:

    ये नई खोज मार्सिस की मदद से संभव हो सकी है. मार्सिस मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर पर मौजूद एक राडार उपकरण है. इस यान को 2003 में लॉन्च किया गया था.

     

    ऐस्ट्रोबायोलॉजी क्या है?

    पानी की स्थिति ऐस्ट्रोबायोलॉजी में बेहद महत्वपूर्ण है. इस क्षेत्र में धरती के अलावा जीवन की संभावनाओं के बारे में अध्ययन किया जाता है.

     

    अन्य जानकारी:

    गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की कि मंगल ग्रह पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले हैं. यह खोज इशारा करती है कि उस समय इस ग्रह पर जीवन रहा होगा.

    मंगल ग्रह:

    मंगल सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह है. पृथ्वी से इसकी आभा रक्तिम दिखती है, जिस वजह से इसे "लाल ग्रह" के नाम से भी जाना जाता है.

    मंगल भी एक स्थलीय धरातल वाला ग्रह है. इसका वातावरण विरल है. इसकी सतह देखने पर चंद्रमा के गर्त और पृथ्वी के ज्वालामुखियों, घाटियों, रेगिस्तान और ध्रुवीय बर्फीली चोटियों की याद दिलाती है. इस गृह पर जीवन होने की संभावना है. मंगल ग्रह की परिक्रमा तीन कार्यशील अंतरिक्ष यान मार्स ओडिसी, मार्स एक्सप्रेस और टोही मार्स ओर्बिटर है, यह सौर मंडल में पृथ्वी को छोड़कर किसी भी अन्य ग्रह से अधिक है.

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