Search
LibraryLibrary

भारत और साइप्रस ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए

Sep 3, 2018 17:26 IST

    भारत और साइप्रस ने 03 सितंबर 2018 को आपसी संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई क्षेत्रों में महत्‍वपूर्ण समझौते किए हैं. साइप्रस यात्रा के दूसरे दिन राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने द्विपक्षीय स्‍तर की वार्ता से पहले साइप्रस के राष्‍ट्रपति निकोस अनासतासियाडेस (Nicos Anastasiades)  के साथ बैठक की. दोनों नेताओं के बीच आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई.

    राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद और एन.एस.जी. की स्‍थायी सदस्‍यता के लिए समर्थन करने पर साइप्रस का आभार व्‍यक्‍त किया. भारत और साइप्रस प्रौद्योगिकी, पर्यटन, जहाजरानी और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहम‍त हुए. दोनों देशों ने अंतर्राष्‍ट्रीय आतंकवाद से निपटने में सहयोग,  और स्‍वच्‍छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्‍यक्‍त की.

    इससे पहले साइप्रस के राष्‍ट्रपति भवन में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्‍मान में गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साइप्रस के संस्‍थापक और पहले राष्‍ट्रपति आर्कबिशप मैकरियोस तृतीय की प्रतिमा पर पुष्‍पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

                               नोट:

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यूरोपीय देशों के साथ भारत के उच्च स्तरीय संपर्क को जारी रखने के लिए यूरोप के देशों की यात्रा पर है.

     

    पहली बुल्गारिया यात्रा:

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 2-4 सितंबर को अपनी साइप्रस यात्रा में उस देश की प्रतिनिधि सभा को संबोधित करेंगे. साथ ही वे साइप्रस विश्वविद्यालय में व्याख्यान देंगे और भारतवंशियों को भी संबोधित करेंगे. वे इसके बाद 4-6 सितंबर तक बुल्गारिया की यात्रा करेंगे. वर्ष 2003 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के दौरे के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की ये पहली बुल्गारिया यात्रा है.

                        आठ दिवसीय विदेश यात्रा:

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आठ दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं. इनकी यह यात्रा 2 सितंबर से 9 सिंतबर तक होगी. अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पहले साइप्रस फिर बुल्‍गारिया और अंत में चेक रिपब्‍लिक का दौरा करेंगे. राष्ट्रपति कोविंद के अपने राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल के दूसरे वर्ष में विदेश की उनकी यह पहली यात्रा है.

     

    भारत और साइप्रस संबंध:

    साइप्रस की संस्कृति भी भारत की तरह ही प्राचीन संस्कृति है. भारत और साइप्रस ने एक दूसरे के स्वाधीनता आंदोलनों में परस्पर समर्थन दिया था और आजादी प्राप्त करने के बाद, एक राष्ट्र के रूप में प्रगति करने में एक-दूसरे की सहायता की है.

    अपनी वि‍शेष रणनीतिक स्थिति और भारत के साथ गहरे आर्थिक संबंधों के कारण साइप्रस भारत के लिए एक महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता है. भारत ने साइप्रस की एकता और भौगोलिक अखंडता का हमेशा से समर्थन किया है.

    साइप्रस ने भी बहुपक्षीय मंचों पर भारत का लगातार साथ दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ सुरक्षा परि‍षद की स्‍थायी सदस्‍यता के लिए भारत की दावेदारी को साइप्रस का समर्थन प्राप्‍त है. राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद की इस यात्रा से भारत-साइप्रस संबंधों के और भी प्रगाढ़ होने की उम्‍मीद है.

    यह भी पढ़ें: अमेरिका ने पाकिस्तान की 30 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रद्द की

     

    Is this article important for exams ? Yes1 Person Agreed

    Newsletter Signup

    Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK