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भारत और यूरोपीय संघ के बीच 15 जुलाई को होगी ऑनलाइन बैठक, जानें विस्तार से

यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने बताया कि शिखर सम्मेलन में साझा सिद्धांतों और कानून के शासन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों के आधार पर रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा.

Jul 10, 2020 12:01 IST
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भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) का 15वां शिखर सम्मेलन 15 जुलाई 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया जायेगा. शिखर सम्मेलन इस साल की शुरुआत में होने वाला था, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था.

इस प्रभावशाली समूह के अधिकारियों ने 09 जुलाई 2020 को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर बैठक में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ विभिन्न मुद्दों पर व्यापक वार्ता करेंगे.

शिखर सम्मेलन से संबंधित मुख्य तथ्य

• इस प्रभावशाली समूह के अधिकारियों ने कहा कि उम्मीद है कि नेतागण प्रभावी बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के संदर्भ में, नियमों पर आधारित एक बहुपक्षीय व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे.

• यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने बताया कि शिखर सम्मेलन में साझा सिद्धांतों और कानून के शासन, स्वतंत्रता और लोकतंत्र के मूल्यों के आधार पर रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा. इस दौरान यूरोपीय संघ और भारत के लोगों को ठोस लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा.

• अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मलेन के दौरान दोनों तरफ के नेताओं के बीच जलवायु, पर्यावरण, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा होगी.

• इसके अतिरिक्त नेताओं के बीच प्रभावी बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के साथ एक नियम आधारित बहुपक्षीय उद्देश्य को बढ़ावा देने के लिए अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया जाएग.

• बैठक में सुरक्षा, जलवायु, पर्यावरण, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा संपर्क (कनेक्टिविटी) जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा होगी.

• शिखर बैठक में बहुपक्षवाद को प्रभावी तरीके से व्यवहार में लाने और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लागू करने पर चर्चा की जाएगी. शिखर बैठक के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मसलों पर भी विचारों का आदान प्रदान किया जाएगा.

कोविड- 19 महामारी पर विशेष ध्यान

सम्मेलन के दौरान कोविड- 19 महामारी से निबटने के लिये वैश्विक सहयोग और एकजुटता पर मुख्य जोर दिया जाएगा ताकि जनजीवन को बचाया जा सके और महामारी की वजह से सामाजिक आर्थिक प्रभावों को कम किया जा सके। शिखर बैठक के दौरान कोरोना महामारी से निबटने के लिये आवश्यक क्षमता को मजबूत किया जा सके. भारत और यूरोपीय संघ वर्ष 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं.

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