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भारतीय सेना ने अपना पहला पर्वतीय युद्ध अभ्यास ‘हिम विजय’ शुरू किया

पूर्वोत्तर राज्य में इस तरह की यह पहली अभ्यास है. यह युद्धाभ्यास तवांग के पास अरुणाचल प्रदेश में कई चरणों में किया जा रहा है

Oct 7, 2019 09:20 IST
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भारतीय सेना ने 07 अक्टूबर 2019 को अरुणाचल प्रदेश में अपना सबसे बड़ा पहाड़ी युद्धाभ्यास 'हिम विजय' आयोजित किया है. पूर्वोत्तर राज्य में इस तरह की यह पहली अभ्यास है. इस तरह का अभ्यास कठिन इलाके में सैनिकों की गतिशीलता तथा संचार का परीक्षण करने हेतु किया जाता है.

हालांकि, इस युद्धाभ्यास का चीन विरोध कर रहा है. क्योंकि चीन अरुणाचल प्रदेश के एक बड़े भाग को वह दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है. यह युद्धाभ्यास तीन युद्ध समूह में आयोजित किया जा रहा है. प्रत्येक समूह में चार हजार सैनिक शामिल हो रहे है. यह युद्धाभ्यास चौदह हजार फुट की ऊंचाई पर हो रहा हैं. यह युद्धाभ्यास 25 अक्टूबर को समाप्त होगा.

यह युद्धाभ्यास तवांग के आस-पास अरुणाचल प्रदेश में विभिन्न चरणों में आयोजित किया जा रहा है. इस अभ्यास का उद्देश्य युद्धाभ्यास को अधिक प्रभावी बनाना है. इस युद्धाभ्यास का पहला चरण 07 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2019 के बीच होगा. इस युद्धाभ्यास का दूसरा चरण 20 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2019 के बीच होगा.

युद्धाभ्यास की मुख्य विशेषता

यह भारतीय रक्षा के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा सैन्य युद्धाभ्यास है. यह सैन्य युद्धाभ्यास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से भारतीय क्षेत्र में 100 किलोमीटर से अधिक दूरी पर किया जाता है. इस युद्धाभ्यास में दो प्रकार का अभ्यास शामिल है. पहला अभ्यास में पहाड़ पर हमला तथा दूसरा हवाई हमला शामिल है. इस अभ्यास में वायु सेना को 15 हजार फीट तक के इलाके में सैनिकों तथा उपकरणों को स्थानांतरित करना है.

इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) की स्‍थापना

पर्वतीय सैन्य शक्ति को अधिक प्रभावी बनाने हेतु इसमें एक यूनिट इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) बनाई जायेगी. आईबीजी कार्यवाही करने के लिए अपनी अवस्थति के आधार पर 12 से 48 घंटों के भीतर संगठित होने में सक्षम होंगे. यह दुश्मन पर हमले के तेज तथा शानदार प्रक्षेपण हेतु बनाया गया था. प्रत्येक आईबीजी में करीब पांच हजार जवान शामिल होते है. जबकि इसकी कमान मेजर जनरल रैंक के अधिकारी के पास होता है.

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पृष्ठभूमि

यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरी अनौपचारिक बैठक हेतु भारत का दौरा करेंगे. राष्ट्रपति शी जिनपिंग यह यात्रा कश्मीर के मुद्दे पर भारत-चीन संबंधों में तनाव के बीच हो रही है. भारत एवं चीन की सीमा करीब 3,488 किमी है. जिसमें से करीब 1126 किमी तिब्बत तथा अरुणाचल प्रदेश के बीच स्थित है.

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