Search
LibraryLibrary

भारत और अमेरिका के मध्य संयुक्त 'युद्ध अभ्यास 2018' उत्तराखंड में शुरू किया जाएगा

Sep 12, 2018 18:15 IST

    भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग के रूप में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2018’  उत्तराखंड के चौबटिया में 16 सितंबर से 29 सितंबर 2018 तक आयोजित किया जाएगा.

    यह देशो के बीच 14 वां संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा. संयुक्त सैन्य अभ्यास का आयोजन दोनो देश बारी बारी से करते हैं. सैन्य अभ्यास-2018 के अंतर्गत दोनो देशो के सैन्य बल संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के अंतर्गत पहाड़ी क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियान का संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगे.

    पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग में काफी वृद्धि हुई है. इस संयुक्त अभ्यास से दोनो देशो की सेना के मध्य आपसी सहयोग ओर विकसित होगा. इससे पहले वर्ष 2017 में रूस के साथ व्लादिवोस्टोक में युद्ध अभ्यास में भारत की तीनों सेनाओं ने हिस्सा लिया था.

                           उद्देश्य:

    इस अभ्यास का उद्देशय दोनों देशों की सेनाओं के बीच आतंक विरोधी ऑपरेशन में दक्षता को वृद्धि करना है. इस बार ‘युद्ध अभ्यास’ में बटालियन स्तरीय प्रशिक्षण तथा डिवीज़न स्तरीय कमांड पोस्ट अभ्यास किया जायेगा.

    'युद्ध अभ्यास 2018' से संबंधित मुख्य तथ्य:

    •   इस संयुक्त अभ्यास में अमेरिकी और भारतीय सेना के 350-350 जवान भाग लेंगे.

    •   अभ्यास के दौरान प्रारंभ में दोनो देशो के सैन्य बल एक दूसरे के संगठनात्मक ढांचे, हथियार, साजो सामान, विश्वास प्रशिक्षण और सुनियोजित अभ्यास से परिचय प्राप्त करेंगे.

    •   इसके पश्चात दोनो देशो का सैन्य अभ्यास द्वारा अगले चरण में प्रवेश करेगा.

    •   सैन्य अभ्यास में दोनों देशों की सैन्य टुकडिय़ां एक-दूसरे की संगठनात्मक, हथियारों और सैन्य उपकरणों से रूबरू होंगे. वहीं परस्पर रणनीतिक, तकनीकि, कार्रवाई एवं ऑपरेशन से जुड़े अनुभव भी साझा किये जायेगें.

    •   प्रशिक्षण की समाप्ति दोनो देशो के सैन्य बलो द्वारा काल्पनिक लेकिन सजीव परिस्थिति में संयुक्त रूप से आंतकवाद विरोधी अभियान के आयोजन से होगी.

    •   भारत और अमेरिका की सेनाओ के पास उग्रवाद और आंतकवाद विरोधी अभियान संचालन का विशाल अनुभव है और विविधतापूर्ण वातावरण में एक दूसरे के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास और सैन्य कार्यक्रम को सांझा करने की बड़ी अहमियत है.

    •   खास बात कि दोनों देशों की सेना काउंटर इंसर्जेंसी व काउंटर आतंकवाद आदि ऑपरेशनों की अनुभवी हैं.

    •   यह अभ्यास दो लोकतांत्रिक देशो की सेनाओ को एक साथ सैन्य प्रशिक्षण लेने और एक दूसरे के संचालन अनुभव को सांझा करने का बेहतर अवसर प्रदान करेगा.

    यह भी पढ़ें: पिच ब्लैक युद्धाभ्यास में पहली बार भाग लेगी भारतीय वायुसेना

     

    Is this article important for exams ? Yes2 People Agreed

    DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

    Newsletter Signup

    Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK